
देवरिया में बाढ़ की आहट से मचा हड़कंप (IMG: Dynamite News)
Deoria: घाघरा, राप्ती, गोर्रा और गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। कई जगह खेतों में पानी पहुंचने लगा है तो कुछ निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने की स्थिति बन रही है। सबसे बड़ा खतरा अब तटबंधों पर मंडरा रहा है, जहां कई संवेदनशील स्थानों पर कटान की स्थिति सामने आने की बात कही जा रही है। अगर नदियों का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा और कटान पर समय रहते काबू नहीं पाया गया तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
देवरिया में इन दिनों घाघरा, राप्ती, गोर्रा और गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की निगाहें लगातार पानी के स्तर पर टिकी हैं। नदियों के बढ़ते पानी का असर सबसे पहले खेती पर दिखाई देने लगा है। कई निचले इलाकों में खेतों में पानी भरने लगा है। इससे किसानों की खरीफ और जायज फसलों के नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
नदी का पानी बढ़ने के साथ ही किसानों की चिंता भी बढ़ती जा रही है। खेतों में खड़ी फसल पानी में डूबने लगी है। किसानों को सबसे ज्यादा डर इस बात का है कि अगर जलस्तर में तेजी जारी रही तो पानी लंबे समय तक खेतों में जमा रह सकता है। ऐसे में फसल को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पूरी मेहनत और लागत लगाकर फसल तैयार की है, लेकिन नदी के बढ़ते पानी ने उनकी उम्मीदों पर संकट खड़ा कर दिया है।
बाढ़ के खतरे के बीच तटबंधों पर कटान ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है। बाढ़ विभाग के मानचित्र के मुताबिक जिले के कई इलाकों में नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। तिघरा मराछी तटबंध समेत कई स्थानों पर कटान की स्थिति दिखाई देने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त निगरानी नहीं की जा रही है।
नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों में प्रशासन को लेकर नाराजगी भी दिखाई दे रही है। लोगों का आरोप है कि बाढ़ विभाग और सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कटान वाले संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त निगरानी नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ कागजों में निगरानी करने से खतरा नहीं टलेगा। अधिकारियों को मौके पर जाकर तटबंधों की स्थिति देखनी चाहिए और जहां कटान हो रहा है, वहां तत्काल बचाव कार्य शुरू किया जाना चाहिए।
मामले को लेकर समाजवादी नेता हरेंद्र त्यागी, संजय लाल श्रीवास्तव, सभापति गौड़ और रिंकू सिंह समेत अन्य लोगों ने प्रशासन से तत्काल बाढ़ नियंत्रण के इंतजाम करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर कटान की स्थिति बनी हुई है, वहां अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए। उनका कहना है कि संवेदनशील तटबंधों और नदी किनारे के इलाकों का मौके पर जाकर निरीक्षण जरूरी है।
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नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखा है। संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों पर नजर रखने के साथ अधिकारियों को लगातार स्थिति की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि अगर किसी इलाके में पानी तेजी से बढ़ता है तो वहां तत्काल राहत और बचाव की कार्रवाई की जा सके। इसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों की जानकारी जुटाई जा रही है।
मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी देवरिया ने बाढ़ विभाग और सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जिन क्षेत्रों में नदियों का प्रभाव है और जहां तटबंध संवेदनशील स्थिति में हैं, वहां लगातार निगरानी की जाए। अधिकारियों को समय-समय पर तटबंधों और संवेदनशील स्थानों का मौके पर जाकर निरीक्षण करने को कहा गया है। साथ ही किसी भी तरह के खतरे की स्थिति सामने आने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
Location : Deoria
Published : 1 September 2026, 7:29 PM IST