पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रजापति की बेटी की शादी में पहुंचे अखिलेश यादव, देखें Photos

पूर्व खनन मंत्री और गैंगरेप केस में उम्रकैद की सजा काट रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति की बेटी की शादी में अखिलेश यादव पहुंचे। प्रजापति फिलहाल एक माह की पैरोल पर हैं। शादी और राजनीतिक चर्चाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 30 November 2025, 1:27 PM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश के पूर्व खनन मंत्री और गैंगरेप के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति की छोटी बेटी अंकिता की शादी 29 नवंबर को लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी स्थित द सेंट्रम होटल में सम्पन्न हुई। इस शादी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी शिरकत की। उन्होंने विवाह समारोह की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जिसके बाद यह विवाह समारोह राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।

इस आधार पर मांगी थी एक महीने की पैरोल

गायत्री प्रसाद प्रजापति फिलहाल लखनऊ जेल में बंद हैं और 3 नवंबर को उन्हें उत्तर प्रदेश शासन द्वारा एक माह की पैरोल प्रदान की गई थी। पैरोल मिलने के समय वह बलरामपुर अस्पताल में भर्ती थे और न्यायिक अभिरक्षा में थे। उन्होंने अपनी बेटी की शादी और अपने बड़े भाई के साथ छोटी बहन के इलाज के लिए पैरोल की मांग की थी।

आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि पैरोल अवधि पूरी होने के बाद उन्हें निर्धारित तिथि पर वापस जेल लौटना अनिवार्य होगा, अन्यथा वह भविष्य में किसी भी प्रकार की पैरोल के अधिकारी नहीं होंगे।

दूल्हा पक्ष का पारिवारिक बैकग्राउंड

अंकिता के पति अभिषेक मिश्र प्रतापगढ़ जिले के घाघूघार गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता ओम शंकर मिश्र तिलक इंटर कॉलेज से प्रिंसिपल पद से रिटायर हो चुके हैं, जबकि उनकी मां लालमति मिश्र अमेठी विकास भवन में परियोजना अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।

दूसरी ओर, दुल्हन की मां और गायत्री की पत्नी महराजी प्रजापति अमेठी से विधायक हैं। गायत्री प्रजापति के दो बेटे और तीन बेटियां हैं। दो बेटियां संजू और सुधा की पहले ही शादी हो चुकी है, जबकि छोटे बेटे अनुराग प्रजापति अविवाहित हैं।

गायत्री प्रजापति का राजनीतिक सफर और विवाद

अमेठी के परसाना गांव के एक साधारण पृष्ठभूमि वाले परिवार से ताल्लुक रखने वाले गायत्री प्रजापति पहले पुताई का काम करते थे। बताया जाता है कि 1980 के दशक में जब कोरवा स्थित HAL प्लांट में भवन निर्माण का काम चल रहा था तो उन्हें इसकी पुताई का ठेका मिला था।

इसी दौरान, राजीव गांधी के एक दौरे में उनका राजनीति की ओर रुझान बढ़ा और धीरे-धीरे वह सक्रिय राजनीति में उतर आए।

साल 2013 में अखिलेश यादव कैबिनेट में उन्हें पहले सिंचाई विभाग में राज्यमंत्री और बाद में खनन विभाग का स्वतंत्र प्रभार दिया गया। खनन विभाग मिलने के बाद उन पर कई गंभीर आरोप लगे। वह कई शिकायतों और जांचों के घेरे में आ गए। लोकायुक्त, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अलग-अलग व्यक्तियों की शिकायतों में उन पर बेनामी संपत्तियां बनाने, अवैध खनन से करोड़ों की धनराशि जुटाने और प्रभाव का दुरुपयोग करने के आरोप लगे।

इसके अलावा, वह बहुचर्चित गैंगरेप केस में दोषी पाए गए और न्यायालय ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई, जिसके कारण वह लखनऊ की जेल में बंद हैं। उन पर खनन घोटाले में भी सीबीआई और ईडी की जांच जारी है।

राजनीतिक हलकों में हलचल

अखिलेश यादव का इस शादी में शामिल होना एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे गया है। विपक्ष ने इसको लेकर सवाल उठाए हैं, वहीं समाजवादी पार्टी के समर्थक इसे मानवीय और सामाजिक संबंधों का मामला बता रहे हैं। फिलहाल गायत्री प्रजापति अपनी बेटी की शादी पूरी होने के बाद दो दिन में वापस जेल लौट जाएंगे, जैसा कि पैरोल की शर्तों में उल्लेख है।

Location : 
  • Lucknow

Published : 
  • 30 November 2025, 1:27 PM IST

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