गोरखपुर के रामगढ़ताल इलाके में 48 लाख रुपये की ठगी का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फर्जी कंपनी बनाकर निवेश के नाम पर लोगों को ठगा गया था।

आरोपी गिरफ्तार (Img: Google)
Gorakhpur: गोरखपुर में एक बार फिर पुलिस ने संगठित अपराधियों पर करारा प्रहार किया है। रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में 48 लाख रुपये की बड़ी ठगी का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। निवेश के नाम पर लोगों को तिगुने मुनाफे का सपना दिखाकर ठगने वाले इस गिरोह की गिरफ्तारी से इलाके में हड़कंप मच गया है। यह कार्रवाई 25 जनवरी 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी S.B.G. GLOBAL LCC नाम की एक फर्जी कंपनी बनाकर लोगों को जाल में फंसा रहे थे। वे दावा करते थे कि कंपनी में आईडी बनवाकर निवेश करने पर महज 12 महीने में पैसा तीन गुना हो जाएगा। इस झूठे वादे पर भरोसा कर पीड़ितों और उनके साथियों ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 48 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
शुरुआत में आरोपियों ने पीड़ितों को भरोसे में लेने के लिए कुछ रकम मुनाफे के तौर पर वापस भी की। इससे लोगों को लगा कि स्कीम असली है। जैसे ही बड़ी रकम जमा हो गई, दोनों आरोपी अचानक संपर्क से बाहर हो गए। फोन बंद होने लगे और मैसेज का जवाब मिलना बंद हो गया। जब पीड़ितों ने अपने पैसे वापस मांगे तो उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।
ठगी का एहसास होने पर पीड़ितों ने रामगढ़ताल थाने में तहरीर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी कैंट और थानाध्यक्ष रामगढ़ताल की संयुक्त टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
पुलिस के अनुसार यह मामला साधारण धोखाधड़ी नहीं, बल्कि पूरी तरह संगठित फर्जीवाड़े का है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें छद्मवेश में धोखाधड़ी, कूट रचना, संपत्ति हड़पने और आपराधिक धमकी जैसे आरोप शामिल हैं। इन धाराओं में कड़ी सजा का प्रावधान है।
इस कार्रवाई में वरिष्ठ उपनिरीक्षक रमेश कुमार कुशवाहा, उपनिरीक्षक आशुतोष कुमार राय और कांस्टेबल बृजेश चौहान की टीम ने अहम भूमिका निभाई। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि अगर और पीड़ित सामने आते हैं तो जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा।
यह मामला एक बार फिर चेतावनी देता है कि तिगुने रिटर्न, फर्जी निवेश स्कीम और MLM के नाम पर आने वाले किसी भी ऑफर से पहले पूरी जांच जरूरी है। गोरखपुर पुलिस की यह कार्रवाई न सिर्फ अपराधियों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम लोगों के लिए राहत की खबर भी है।