यूपी के मकान मालिकों की बढ़ी टेंशन! 15 साल बाद हाउस टैक्स पर होने जा रहा बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश के नगर निगम क्षेत्रों में 15 साल बाद गृहकर (हाउस टैक्स) की दरों की समीक्षा शुरू हो गई है। नई दरें लागू होने पर लाखों मकान मालिकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त टैक्स का बोझ बढ़ सकता है। फिलहाल नगर निगम प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं, जिसके बाद अंतिम फैसला सरकार करेगी।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 17 July 2026, 2:49 PM IST
google-preferred

Lucknow: उत्तर प्रदेश के नगर निगम क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। करीब 15 वर्षों बाद प्रदेश में गृहकर (हाउस टैक्स) की दरों की समीक्षा शुरू कर दी गई है। यदि नई दरें लागू होती हैं, तो मकान मालिकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को मौजूदा टैक्स की तुलना में अधिक भुगतान करना पड़ सकता है। इससे प्रदेश के कई शहरों में रहने वाले लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।

15 साल बाद शुरू हुई गृहकर दरों की समीक्षा

उत्तर प्रदेश नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड ने उन नगर निगमों को गृहकर की दरों में संशोधन करने के निर्देश दिए हैं, जहां लंबे समय से टैक्स दरों में बदलाव नहीं हुआ है। बोर्ड के अनुसार कई नगर निगमों में पिछले लगभग 15 वर्षों से गृहकर की दरें स्थिर बनी हुई हैं। राजधानी लखनऊ में भी वर्ष 2010 के बाद गृहकर की दरों में कोई संशोधन नहीं किया गया।

नगर निगमों पर बढ़ रहा खर्च

14 जुलाई को नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड ने प्रदेश के सभी नगर निगम अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान कर निर्धारण सूची में बदलाव और नई दरें लागू करने पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों का कहना है कि सफाई व्यवस्था, सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं पर नगर निगमों का खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में आय बढ़ाने के लिए गृहकर दरों की समीक्षा जरूरी मानी जा रही है।

पहले भी हो चुकी है टैक्स बढ़ाने की कोशिश

लखनऊ नगर निगम में गृहकर बढ़ाने का प्रस्ताव पहले भी कई बार सामने आया था। वर्ष 2016 और 2023 में टैक्स बढ़ाने की कोशिश की गई, लेकिन पार्षदों और जनप्रतिनिधियों के विरोध के चलते इसे लागू नहीं किया जा सका।

लाखों लोगों पर पड़ सकता है असर

यदि नई गृहकर दरें लागू होती हैं तो प्रदेश के लाखों मकान मालिकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अधिक टैक्स देना पड़ सकता है। हालांकि सरकार और वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड का कहना है कि बढ़ी हुई आय से नगर निगमों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और नागरिक सुविधाओं में सुधार किया जा सकेगा।

Aamir Khan: ‘हम सोनम वांगचुक को जानते भी नहीं थे’, आमिर ने किया बड़ा खुलासा; बताया क्या है सबसे बड़ी…

अभी अंतिम फैसला बाकी

फिलहाल नगर निगम स्तर पर गृहकर दरों की समीक्षा और प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। नई दरें लागू होने से पहले स्थानीय स्तर पर लोगों से आपत्तियां और सुझाव भी लिए जा सकते हैं। इसके बाद सरकार और संबंधित निकाय सभी प्रक्रियाएं पूरी कर अंतिम निर्णय लेंगे।

Location :  Lucknow

Published :  17 July 2026, 2:11 PM IST

Related News

No related posts found.

Advertisement