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जेन-जी बेंचिंग ट्रेंड़ क्या है (Image Source: AI)
New Delhi: आज के डेटिंग कल्चर में सिर्फ प्यार, डेट और कमिटमेंट की बात नहीं होती, बल्कि कई बार रिश्तों में कन्फ्यूजन और बैकअप प्लान भी देखने को मिलते हैं। Gen Z के बीच डेटिंग का एक ऐसा ही ट्रेंड चर्चा में है, जिसे Benching कहा जाता है। इसमें कोई व्यक्ति आपको पूरी तरह अपनी जिंदगी से बाहर नहीं करता, लेकिन रिश्ते को नाम देने या गंभीरता से आगे बढ़ाने से भी बचता है। कभी प्यारा-सा मैसेज, कभी घंटों की बातचीत और फिर अचानक गायब होना... अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो समझिए कि मामला सिर्फ बिजी शेड्यूल का नहीं हो सकता।
Benching को आसान भाषा में समझें तो यह किसी को रिश्ते में बैकअप ऑप्शन की तरह बनाए रखने जैसा है। जिस तरह खेल में किसी खिलाड़ी को मैदान में उतारने के बजाय बेंच पर बैठाकर रखा जाता है, उसी तरह डेटिंग में भी किसी व्यक्ति को इंतजार की स्थिति में रखा जा सकता है।
ऐसे रिश्ते में सामने वाला न तो आपको पूरी तरह छोड़ता है और न ही आपके साथ गंभीर कमिटमेंट करता है। वह बीच-बीच में मैसेज करेगा, आपकी तारीफ करेगा, सोशल मीडिया पोस्ट पर रिएक्शन देगा और कभी-कभी फ्लर्ट भी कर सकता है। इससे आपको लग सकता है कि रिश्ता आगे बढ़ रहा है, लेकिन जब मिलने, डेट प्लान करने या भविष्य पर बात करने की बारी आती है, तो वह बहाने बनाने लगता है।
यही इस ट्रेंड का सबसे कन्फ्यूजिंग हिस्सा है। आपको उम्मीद मिलती रहती है, लेकिन रिश्ते में स्पष्टता नहीं आती। हालांकि, केवल देर से जवाब देने या व्यस्त रहने को Benching नहीं कहा जा सकता। असली बात व्यवहार के लगातार दोहराए जाने वाले पैटर्न को समझना है।
जेन-जी बेंचिंग ट्रैंड़
डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया ने नए लोगों से मिलने के विकल्प बढ़ा दिए हैं। Tinder और Bumble जैसे प्लेटफॉर्म पर लोग अलग-अलग संभावित साथियों से बातचीत कर सकते हैं। ऐसे माहौल में कुछ लोग किसी एक रिश्ते पर ध्यान देने के बजाय कई विकल्प खुले रखना पसंद कर सकते हैं।
इसके पीछे कमिटमेंट को लेकर असमंजस, दिल टूटने का डर, अकेलेपन से बचने की इच्छा या यह महसूस करना हो सकता है कि शायद आगे कोई बेहतर साथी मिल जाए। हालांकि, हर Gen Z युवा ऐसा करता है, यह मानना सही नहीं होगा।
Benching में अक्सर सामने वाला व्यक्ति भविष्य को लेकर साफ जवाब नहीं देता। कभी वह कहता है कि अभी सही समय नहीं है, तो कभी रिश्ते को लेकर बात ही बदल देता है। कई दिनों तक गायब रहने के बाद अचानक मैसेज भेजना और फिर बातचीत शुरू कर देना भी इसका हिस्सा हो सकता है। इससे दूसरा व्यक्ति बार-बार उम्मीद लगाने लगता है और भावनात्मक रूप से उलझ सकता है।
अगर कोई व्यक्ति लगातार आपसे बात करने का दावा करता है, लेकिन मिलने की योजना बार-बार टालता है, तो उसके व्यवहार पर ध्यान देना जरूरी है। अगर बातचीत हमेशा उसकी सुविधा के मुताबिक होती है और रिश्ते को लेकर सवाल पूछने पर गोलमोल जवाब मिलते हैं, तो यह भी एक संकेत हो सकता है।
ऐसी स्थिति में सबसे जरूरी है कि आप अपनी अपेक्षाएं स्पष्ट रखें। सामने वाले से सीधे पूछें कि वह इस रिश्ते को किस तरह देखता है। उसके शब्दों के साथ-साथ उसके व्यवहार को भी समझें। अगर वह बार-बार आपकी भावनाओं को नजरअंदाज करता है, तो अपनी सीमाएं तय करना बेहतर होगा।
याद रखें, किसी रिश्ते में हर समय ऑनलाइन रहना या तुरंत जवाब देना जरूरी नहीं है। लेकिन सम्मान, ईमानदारी और स्पष्टता मायने रखते हैं। अगर कोई आपको लगातार इंतजार में रख रहा है, तो सिर्फ उसके अगले मैसेज के भरोसे न रहें। आप किसी के बैकअप प्लान नहीं, बल्कि ऐसे रिश्ते के हकदार हैं जिसमें दोनों तरफ से दिलचस्पी और प्रयास हो।
Location : New Delhi
Published : 26 October 2026, 2:30 PM IST