Tech News: 40 रुपये का ऑर्डर, 1200 रुपये का खाना! सोशल मीडिया पर वायरल हुआ Zomato जुगाड़

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल एक पोस्ट में Zomato के डिलीवरी मॉडल में कथित लूपहोल का दावा किया गया है। पोस्ट के अनुसार ग्राहक और रेस्टोरेंट मिलकर प्लेटफॉर्म फीस और कमीशन से बच सकते हैं, जिससे कंपनी के बिजनेस मॉडल पर असर पड़ सकता है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 31 May 2026, 10:34 AM IST
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New Delhi: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर वायरल हुई एक पोस्ट ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी इंडस्ट्री को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पोस्ट में दावा किया गया है कि Zomato के डिलीवरी मॉडल में एक ऐसा संभावित लूपहोल मौजूद है, जिसका इस्तेमाल कर ग्राहक और रेस्टोरेंट प्लेटफॉर्म फीस, कमीशन और अन्य चार्ज से बच सकते हैं। हालांकि, कंपनी की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

क्या है वायरल पोस्ट में बताया गया तरीका?

X यूजर ‘प्रेम सोनी’ द्वारा साझा की गई पोस्ट में दावा किया गया कि ग्राहक Zomato पर बेहद कम कीमत का ऑर्डर, जैसे एक रोटी या छोटी खाद्य सामग्री का ऑर्डर देता है। इसके बाद वह सीधे रेस्टोरेंट से फोन या व्हाट्सएप पर संपर्क कर बड़ा ऑर्डर देता है और भुगतान UPI के जरिए कर देता है। फिर रेस्टोरेंट पूरे ऑर्डर को उसी छोटे Zomato ऑर्डर के साथ पैक कर देता है, जिसे डिलीवरी पार्टनर ग्राहक तक पहुंचा देता है।

कंपनी के बिजनेस मॉडल पर असर की आशंका

वायरल पोस्ट के अनुसार इस प्रक्रिया में ऑर्डर का अधिकांश हिस्सा प्लेटफॉर्म के बाहर पूरा होता है। इससे रेस्टोरेंट को एग्रीगेटर को दिया जाने वाला 25 से 30 प्रतिशत तक का कमीशन बच जाता है, जबकि ग्राहक भी अतिरिक्त प्लेटफॉर्म फीस और सर्ज चार्ज से बच सकता है। पोस्ट में दावा किया गया कि यदि यह तरीका बड़े स्तर पर अपनाया गया तो फूड डिलीवरी कंपनियों के यूनिट इकोनॉमिक्स पर गंभीर असर पड़ सकता है।

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यूजर्स के बीच छिड़ी बहस

इस पोस्ट को 10 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या वास्तव में ऐसा करना संभव है और क्या Zomato जैसे प्लेटफॉर्म पहले से ऐसे मामलों पर नजर रखते हैं। कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि ऑर्डर के साथ बिल का मिलान या फोटो आधारित डिलीवरी सत्यापन जैसी प्रक्रियाएं इस तरह की गतिविधियों को रोक सकती हैं।

रेस्टोरेंट्स के लिए भी हो सकता है जोखिम

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी रेस्टोरेंट द्वारा प्लेटफॉर्म के नियमों का उल्लंघन करते हुए ऐसा किया जाता है और इसकी शिकायत होती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। कई यूजर्स ने यह भी कहा कि ऐसी व्यवस्था पूरी तरह रेस्टोरेंट और डिलीवरी प्रक्रिया में शामिल लोगों की ईमानदारी पर निर्भर करती है।

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पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला

यह पहला अवसर नहीं है जब Zomato से जुड़े किसी कथित लूपहोल पर चर्चा हुई हो। वर्ष 2023 में कंपनी के कैश-ऑन-डिलीवरी (COD) सिस्टम में भी एक खामी की चर्चा हुई थी। उस समय कंपनी के सह-संस्थापक ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि उन्हें समस्या की जानकारी है और उसे बंद करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

फिलहाल वायरल पोस्ट के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसने ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स की सुरक्षा और बिजनेस मॉडल को लेकर नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है।

Location :  New Delhi

Published :  31 May 2026, 10:34 AM IST

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