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रिसर्च में बताया गया कि AI को सिर्फ एक छोटी सी ऑडियो क्लिप चाहिए, जिसमें व्यक्ति अपने रोजमर्रा के काम, दिनचर्या या सामान्य बातचीत के बारे में बोल रहा हो। दरअसल, डिप्रेशन की स्थिति में इंसान की बोलने की गति, आवाज की पिच और एनर्जी लेवल में बदलाव आ जाता है। ये बदलाव इंसानी कानों को तुरंत महसूस नहीं होते, लेकिन AI एल्गोरिदम इन्हें आसानी से पकड़ लेता है। (Img Source: Google)
रिसर्च में बताया गया कि AI को सिर्फ एक छोटी सी ऑडियो क्लिप चाहिए, जिसमें व्यक्ति अपने रोजमर्रा के काम, दिनचर्या या सामान्य बातचीत के बारे में बोल रहा हो। दरअसल, डिप्रेशन की स्थिति में इंसान की बोलने की गति, आवाज की पिच और एनर्जी लेवल में बदलाव आ जाता है। ये बदलाव इंसानी कानों को तुरंत महसूस नहीं होते, लेकिन AI एल्गोरिदम इन्हें आसानी से पकड़ लेता है। (Img Source: Google)