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रिसर्चर्स साफ तौर पर कहते हैं कि यह तकनीक डॉक्टरों या साइकोलॉजिस्ट की जगह नहीं ले सकती। लेकिन यह एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम बन सकती है, जो शुरुआती जांच में मदद करे। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें व्यक्ति को असहज सवालों का सामना नहीं करना पड़ता, बस एक सामान्य वॉइस नोट रिकॉर्ड करना होता है। भविष्य में ऐसी तकनीक WhatsApp, कॉल रिकॉर्डिंग या हेल्थ ऐप्स के जरिए मेंटल हेल्थ अवेयरनेस को नई दिशा दे सकती है। (Img Source: Google)
रिसर्चर्स साफ तौर पर कहते हैं कि यह तकनीक डॉक्टरों या साइकोलॉजिस्ट की जगह नहीं ले सकती। लेकिन यह एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम बन सकती है, जो शुरुआती जांच में मदद करे। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें व्यक्ति को असहज सवालों का सामना नहीं करना पड़ता, बस एक सामान्य वॉइस नोट रिकॉर्ड करना होता है। भविष्य में ऐसी तकनीक WhatsApp, कॉल रिकॉर्डिंग या हेल्थ ऐप्स के जरिए मेंटल हेल्थ अवेयरनेस को नई दिशा दे सकती है। (Img Source: Google)