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रिपोर्ट बताती है कि अधिकतर प्लेटफॉर्म सिर्फ साइनअप के दौरान यूजर द्वारा बताई गई उम्र पर भरोसा करते हैं। इसका मतलब है कि कोई भी बच्चा गलत उम्र डालकर इन ऐप्स का उपयोग कर सकता है। कुछ मामलों में यह भी पाया गया कि self-harm जैसे संवेदनशील संकेत मिलने पर भी प्लेटफॉर्म कोई चेतावनी या सहायता विकल्प नहीं देते, जो स्थिति को और गंभीर बना देता है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 9 April 2026, 9:03 AM IST
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Published :  9 April 2026, 9:03 AM IST

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