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झांसी: अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंकने वाली महारानी लक्ष्मीबाई की वीरता के किस्से आज भी देश दुनिया में बड़े अदब के साथ सुनाये जाते हैं। झांसी को दुनिया के ऐतिहासिक पर्यटन मानचित्र में अहम स्थान दिलाने वाली वीरंगना का महल और किला सरकारी उदासीनता के कारण खंडहर की शक्ल में तब्दील होता जा रहा है।
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देश को दासता की जंजीर से मुक्त कराने में अहम योगदान देने वाली लक्ष्मीबाई की 184वीं जयंती पर उनकी कर्मस्थली झांसी को रोशनी से सराबोर किया गया और विभिन्न संगठनों ने कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया लेकिन रानी के जीवन से जुड़ी दो बेहद महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरें अंधेरे की आगोश में लिपटी रहीं। (वार्ता)
Published : 24 November 2019, 3:04 PM IST
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