कौन थे सर एम. विश्वेश्वरैया? जिनकी याद में मनाया जाता है इंजीनियर्स डे

आज यानी 15 सितंबर को देश में इंजीनियर्स डे मनाया जा रहा है। क्यों मनाया जाता है इंजीनियर्स डे पढ़िये डाइनामाइट न्यूज के इस आर्टिकल में।

Updated : 15 September 2024, 11:39 AM IST
google-preferred

नई दिल्ली: भारत देश में हर साल 15 सितंबर को इंजीनियर्स डे (Engineers Day) के रूप में मनाया जाता है। इसके पीछे भी एक बड़ा कारण है, सर एम. विश्वेश्वरैया। सर एम. विश्वेश्वरैया भारत (Bharat) के वह महान इंजीनियर हैं, जिन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। 15 सितंबर को ही साल 1861 में कर्नाटक में उनका जन्म हुआ था। उन्हें फादर ऑफ इंजीनियरिंग भी कहा जाता है।

डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के मुताबिक सर एम. विश्वेश्वरैया को भारतीय इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनकी अभूतपूर्व उपलब्धियों और योगदान के लिए जाना जाता है। ये एक प्रसिद्ध सिविल इंजीनियर (Civil Engineer), विद्वान और राजनेता थे। सर एम. विश्वेश्वरैया ने भारत के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कृष्णा राजा सागर बांध सर एम. विश्वेश्वरैया की देन
कावेरी नदी पर बना कृष्णा राजा सागर बांध (Krishna Raja Sagar Dam) एम. विश्वेश्वरैया की देन है। यह बांध उस समय के सबसे बड़े जलाशयों में से एक था। यह परियोजना आज भी क्षेत्र में कृषि और जल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है।

इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट तेज
सर एम. विश्वेश्वरैया ने सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के क्षेत्र में खूब काम किया। उन्होंने कई बांधों, पुलों और वॉटर डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट्स का डिजाइन तैयार किया। इससे भारत में एग्रीकल्चर और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट तेज हुआ। उन्होंने मुंबई के बंदरगाह क्षेत्र में बाढ़ से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम तैयार किया। 

सभी इंजीनियरों का सम्मान
भारत में इंजीनियर्स दिवस सिर्फ सर एम. विश्वेश्वरैया के योगदान को श्रद्धांजलि देने के लिए ही नहीं मनाया जाता है। यह दिन उन सभी इंजीनियरों का सम्मान करने के भी लिए है जो देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 

क्या याद दिलाता है इंजीनियर्स डे?
इंजीनियर्स डे का उद्देश्य छात्रों और युवाओं को साइंस, टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना है। इंजीनियर्स डे यह याद दिलाता है कि कैसे टेक्निकल इनोवेशन (Technical Inovation) और इंजीनियरिंग की मदद से आने वाली चुनौतियों का समाधान कर सकते हैं। 

इंजीनियर्स डे दुनिया में अलग-अलग देशों में अलग-अलग तारीखों में मनाया जाता है। वर्ल्ड इंजीनियरिंग डे 4 मार्च को होता है, जिसे यूनेस्को ने घोषित किया था। भारत में इंजीनियरिंग डे का इतिहास करीब 56 साल पुराना है। 1962 में एम विश्वेश्वरैया सर के निधन के बाद उनकी विरासत को आगे ले जाने और उनके योगदान के सम्मान में 15 सितंबर को इंजीनियर्स डे घोषित किया गया था। 

 

Published : 
  • 15 September 2024, 11:39 AM IST

Advertisement
Advertisement