हिंदी
गया: बिहार के गया में काले, नीले और बैंगनी रंग के गेहूं की भी उपज की जाने लगी है। जिला में इस अलग और नए प्रजाति के गेहूं की खेती के जनक किसानों और युवाओं के प्रेरणास्रोत टिकारी के गुलारियाचक निवासी आशीष कुमार दांगी हैं।
इन गेहूं का सेवन शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है। रंगीन गेहूं में एथोसायनिन ज्यादा पाए जाने के कारण ये शरीर का काफी फायदा पहुंचाते हैं। इन गेहूं में काफी औषधिय गुण होते हैं। जिन लोगों को हार्ट, डायबिटीज और मोटापा जैसी बीमारी है उनके लिए काला गेहूं काफी फायदेमंद होता है। इसमें सामान्य गेंहू से 60 प्रतिशत अधिक आयरन पाया जाता है।
नए प्रजाति के गेहूं की खेती के जनक किसानों और युवाओं के प्रेरणास्रोत आशीष का कहना है कि खेती की दुनिया में एक नया प्रयोग करना चाहता है। कम लागत, सीमित भूमि और कम पानी में गेहूं की खेती आसानी से की जा सकती है।
Published : 24 November 2020, 7:40 PM IST
Topics : bihar Black Wheat Farming Gaya एथोसायनिन गया बिहार रंगीन गेहूं