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कोलकाता: आरजी कर मेडिकल कॉलेज (RG Kar Medical College) व अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ हुये अत्याचार मामले में छात्र, प्रदेश सचिवालय यानी नबन्ना भवन (Nabanna Bhawan) के पास नबन्ना अभियान (Nabbana Protest) करेंगे।
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के मुताबिक पश्चिमबंगा छात्र समाज नामक संगठन के बैनर तले यह मार्च बुलाया गया है। ममता सरकार के खिलाफ छात्रों के इस प्रदर्शन को बीजेपी (BJP) का साथ मिला है। प्रदर्शन को देखते हुये शहर में 4500-5000 पुलिस कर्मियों की तैनाती रहेगी। आइजी व डीआइजी रैंक के 21 पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा का विशेष जिम्मा सौंपा गया है।
आखिर क्या है नबन्ना?
2011 से पहले बंगाल का सचिवालय रायटर्स बिल्डिंग (Righters Building) हुआ करता था। साल 2011 में ममता बनर्जी सरकार ने हावाड़ा में हुबली नदी के किनारे एक बिल्डिंग को सचिवालय का रूप दिया। इसे नबान्न नाम दिया गया। नब का मतलब नया से है।
पानी की बौछारें
इस अभियान को लेकर पुलिस ने अपनी तैयारी कर ली है। सरकार की कोशिश है कि अभियान में पुलिस लाठी-डंडे न चलाएं। वहीं पुलिस ने कहा है कि अगर कोई कानून व्यवस्था भंग करने की कोशिश करता है तो उन पर पानी की बौछारें की जाएगी।
कुणाल घोष का बयान
नवान्न अभियान को लेकर तृणमूल कांग्रेस नेता कुणाल घोष (Kunal Ghosh) ने कहा कि इस अभियान के पीछे बड़ी साजिश रची जा रही है। टीएमसी (TMC) नेता ने कहा कि इस अभियान को भाजपा, माकपा व कांग्रेस (Congress) द्वारा मदद मिल रही है।
Published : 27 August 2024, 10:23 AM IST
Topics : Mamta Banerjee Nabanna Abhiyan RG Kar Medical College West Bengal कुणाल घोष तृणमूल कांग्रेस नेता नबन्ना अभियान पश्चिम बंगाल ममता बनर्जी रायटर्स बिल्डिंग