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लखनऊ: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने बुधवार को अदालत की अवमानना के एक मामले में सेवानिवृत्त अपर मुख्य सचिव (वित्त) प्रशांत त्रिवेदी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया।
पीठ ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख 29 अगस्त तय की है।
न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की पीठ ने डॉ. ओपी गुप्ता की याचिका पर यह आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता ने कहा था कि उच्च न्यायालय ने छह मई, 2022 को एक आदेश पारित कर राज्य सरकार को एलोपैथिक चिकित्सा अधिकारियों की तर्ज पर आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सा अधिकारियों को विशेष सुनिश्चित करियर प्रगति (एसीपी) योजना का लाभ प्रदान करने का निर्देश दिया था। याचिका में कहा गया कि आदेश पारित होने के समय त्रिवेदी अपर मुख्य सचिव, वित्त के पद पर तैनात थे लेकिन उन्होंने स्वेच्छा से अदालत के आदेश को टाल दिया।
मामले में पीठ ने पहले भी जमानती वारंट जारी किया था लेकिन त्रिवेदी पेश नहीं हुए थे। बुधवार को मुख्य स्थायी अधिवक्ता (प्रथम) प्रशांत सिंह अटल ने पेश होने के लिए और समय मांगा लेकिन पीठ ने इसे अस्वीकार कर दिया।
पीठ ने कहा कि जैसा कि बताया गया है, बीमारी इतनी गंभीर नहीं है कि वह अदालत में पेश न हो सकें। पीठ ने इस बात पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की कि त्रिवेदी की बीमारी के बारे में हलफनामा त्रिवेदी के बजाय विशेष सचिव वित्त पुष्पराज ने दायर किया था।
Published : 3 August 2023, 12:25 PM IST
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