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लखनऊ: लॉजकडाउन के कारण राजस्थान के कोटा में फंसे छात्रों को यूपी अपने घरों में भेजने के लिये इस्तेमाल की गयी बसों को लोकर भाजपा और कांग्रेस के बीच विवाद गहराता जा रहा है। बस भाड़े को लेकर गहराते इस विवाद में हर रोज नये मोड़ आ रहे हैं। यूपी भाजपा ने राजस्थान सरकार पर नया आरोप लगाया है। यूपी के डिप्टी सीएम डा.दिनेश शर्मा शुक्रवार को इस मामले को लेकर मीडिया के सामने आये, उनके साथ परिवहन मंत्री अशोक कटारिया भी थे।।
यूपी सरकार के डिप्टी सीएम डा.दिनेश शर्मा ने कहा कि इसके लिये राजस्थान परिवहन अफसरो ने डीजल और बसों के किराये के भुगतान की मांग की। इस पर तत्काल 19 लाख रूपये यूपी सरकार ने राजस्थान परिवहन विभाग को भेजा, जिससे बसों में डीजल भराया गया।वंही बीते 8 मई को यूपी सरकार से 36 लाख रुपए की मांग राजस्थान सरकार ने की।जिसका भुगतान यूपी सरकार ने किया।
अब कांग्रेस और भाजपा में लङाई इसी बात की है की यूपी सरकार कह रही है की जब यूपी में बच्चों को घर पंहुचाने के लिए राजस्थान सरकार ने पैसे वसूल लिये तो अब हमें मुफ्त में राजस्थान सरकार अपनी बसें क्यों भेजने लगी।
यूपी सरकार द्वारा राजस्थान के कोटा में पढाई करने वाले छात्रों को उनके घरों तक पंहुचाया गया था। यूपी से इसके लिये परिवहन निगम की 560 बसें राजस्थान भेजी गई थी। वहीं बसें कम पङने पर 94 बसें राजस्थान परिवहन विभाग की भी छात्रों को यूपी पंहुचाने के काम में लगाई गई।
यूपी के डिप्टी सीएम डा.दिनेश शर्मा ने कहा की कांग्रेस द्वारा आफर की गई 1 हजार बसों में आधी तो खटारा था।जबकि बाकी में डीजल भी जरूरत भर का नही था।ड्राइवरों ने भूख से परेशान होकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।हम अपने नागरिकों को ऐसी बसों से यात्रा की अनुमति नही दे सकते।कांग्रेस केवल इस मामलें पर राजनिति कर रही है।कुल मिलाकर बसों के मुद्दें पर कांग्रेस-भाजपा के साथ-साथ यूपी और राजस्थान सरकार भी आमने-सामने आ गये हैं।
Published : 22 May 2020, 4:08 PM IST
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