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जयपुर: राजस्थान के नये मुख्यमंत्री का ऐलान हो गया है। पहली बार विधायक चुने गये भजन लाल शर्मा को राज्य का नया मुख्यमंत्री बनाने का ऐलान किया गया। सीएम के रूप में भजन लाल शर्मा के चयन ने सभी को चौंका दिया है। उनके मुख्यमंत्री बनते ही वसुंधरा राजे के सियासी सफर को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं और कई अटकलें लगने लगी है।
वसुंधरा राजे को राजस्थान में सीएम पद की फ्रंट रनर माना जा रहा था लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में भजन लाल के नाम का ऐलान होते की उनके सियासी सफर पर अनिश्चितताओं के बादल उम़ड़ पड़े।
सूत्रों की माने तो भाजपा आलाकमान आगामी लोक सभा चुनाव में वसुंधरा राजे को मैदान में उतार सकता है और जीतने पर वे दिल्ली आ सकती है। लेकिन अभी इस बार अब भी कुछ साफ नहीं है।
इसे पीएम मोदी और अमित शाह का अलग तरह का नेतृत्व ही माना जा सकता है कि उनके या आलाकमान के फैसले पर भाजपा को कोई नेता कभी खुलकर नहीं बोलता और न चाहते ही भी उसे वो सब कुछ स्वीकार करना पड़ता है, जिसके के लिये निर्देशित किया जाता है।
बता दें कि मंगलवार सुबह भी कुछ विधायकों ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया से मुलाकात की। विधायक दल की बैठक से पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मिलने वालों में विधायकों में काली चरण सराफ, बाबू सिंह राठौर और गोपाल शर्मा शामिल थे। इससे पहले कल यानी सोमवार को भी 10 विधायक वसुंधरा राजे से मिलने उनके घर पहुंचे थे।
वसुंधरा राजे सिंधिया को यह मलाल जरूर हो रहा होगा कि 3 दिसंबर को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद उनसे कई विधायक मिले। उन्होंने कई विधायकों के साथ कई दौर की बातचीत और बैठकें की। यहां तक कि उन्होंने दिल्ली तक के चक्कर लगाये लेकिन आखिरकार उनके मुताबिक सीएम का ताज उनके सिर नहीं सज सका।
Published : 12 December 2023, 7:13 PM IST
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