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नई दिल्ली: उत्तराखंड की राजनीति समेत सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी में सियासी हलचल और तेज होने लगी है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस्तीफे के बीच उत्तराखंड में नये सीएम की खोज तेज हो गई है। चर्चा है कि उत्तराखंड के अगले मुख्यमंत्री के लिए नैनीताल के सांसद अजय भट्ट के नाम पर अंदरखाने में सहमति बनती दिख रही है।
इनके अलावा धन सिंह रावत, राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी, सतपाल महराज के नाम भी चर्चा में हैं लेकिन लो-प्रोफाइल और अनुभवी होना अजय भट्ट के खाते में जा रहा है।
अजय भट्ट नेता प्रतिपक्ष, विधानसभा रहने के अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वे कई बार सांसद और विधायक रहे हैं। साथ ही उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं। संयुक्त उत्तर प्रदेश के जमाने में वे रानीखेत से विधायक भी रह चुके हैं। आम जनता के बीच पकड़ को देखते हुए भाजपा इनके नाम पर विचार कर रही है।
उत्तराखंड की 70 सदस्यीय विधान सभा सीट में इस समय एक पद रिक्त है, जो कुमाऊं मंडल के सल्ट क्षेत्र से है। जो भी मुख्यमंत्री बनेगा उसे अगले 6 माह के अंदर विधान सभा या विधान परिषद का सदस्य होना जरूरी है। ऐसे में अजय भट्ट के कुमाऊं क्षेत्र से सल्ट विधानसभा उपचुनाव जीतने की सबसे ज्यादा संभावनाएं हैं और इस आधार पर भी वे आगे माने जा रहे हैं।
अब देखना यह दिलचस्प होगा कि सीएम पद पर कौन विराजमान होता है, ताकि एक साल के अंदर होने वाले विधान सभा चुनावों में भी भाजपा के उस चेहरे का फायदा मिल सके। इस बीच पार्टी ने अपने सभी सांसदों को देहरादून पहुंचने को कहा है। बुधवार सुबह दस बजे विधानमंडल दल की बैठक होनी है, इसमें नये सीएम के नाम पर मुहर लगेगी।
Published : 9 March 2021, 3:36 PM IST
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