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सुल्तानपुर: सड़क की मरम्मत के दौरान मेन रोड पर डाली गई तालाब की मिट्टी राहगीरों के लिए आफत का सबब बन गई थी। आए दिन यहां से गुजरते हुए लोग इस मिट्टी में फिसलकर घायल हो रहे थे। ग्रामीणों ने प्रोजेक्ट मैनेजर से जब इस समस्या को सुलझाने और सड़क पर अन्य तरह की टिकाऊ मिट्टी डालने की विनती की तो उन्होंने ग्रामीणों की बात अनसुना कर दिया। प्रोजेक्ट मैनेजर से गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरु किया तो पुलिस समेत विभाग के होश ठिकाने आ गए।
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ये है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार नेशनल हाइवे रायबरेली टाण्डा की निर्माणकर्ता कम्पनी ने हालापुर तिवारी से निकली बिरसिंहपुर रोड के मेन हेड पर तालाब की काली मिट्टी डाल दी। जिसकी वजह से बरसात होने पर सड़क पर डाली गयी काली मिट्टी पर फिसलकर आये दिन दर्जनों लोग व स्कूली बच्चे गिर कर घायल हो रहे थे। रोड पर स्थित तिवारीपुर, हालापुर, पहाड़पुर, पुरुषोत्तमपुर, देवरी कटरा, खोजापुर, मकरही, सीतापुर समेत दर्जनों गांवो के लोग इस रोड से गुजरते है। गांव के लोगो ने कई बार हाइवे के प्रोजेक्ट मैनेजर डीपीएन सिन्हा से सम्पर्क मार्ग के हेड पर गिट्टी डालने की मांग की जिसको वो नजरअंदाज करते रहे। अनदेखी से आहत उपरोक्त गांवो के सैकड़ो लोगो ने हाइवे जाम कर दिया।
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ग्रामीणों ने दिया 48 घंटे का अल्टिमेटम
जाम की सूचना पर चौकी इंचार्ज सेमरी कमलेश कुमार हमराह सिपाहियों के साथ जाम स्थल तिवारीपुर पहुंचे। उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत कराया। जिस पर प्रभारी कोतवाल जयसिंहपुर निर्भय सिंह भी मय बल के मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझा-बुझा कर जाम खुलवाया। चौकी इंचार्ज सेमरी कमलेश कुमार ने मौके से हाइवे निर्माता सड़क के प्रोजेक्ट मैनेजर डीपीएन सिन्हा से बात की। वहीं ग्रामीणों ने रोड खाली कराने के लिए 48 घण्टे का अल्टीमेटम दिया है।
Published : 6 July 2017, 6:41 PM IST
Topics : उत्तर प्रदेश घायल नेशनल हाइवे पुलिस प्रोजेक्ट मिट्टी सड़क
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