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लखनऊ: लोकसभा चुनाव खत्म हो गए। बीजेपी को यूपी में प्रत्याशित सीट नही मिली। बीजेपी 33 सीटों में ही सिमट गई लेकिन सपा की झोली में 37 सीटें चली गई। अखिलेश यादव को बीजेपी पर जीत का स्वाद चखने में 12 साल और 4 चुनाव लग गए। समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव में कमाल का प्रदर्शन किया है। इस जीत के साथ अखिलेश और उनका गठबंधन बेहद उत्साहित है, ऐसे में 10 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव बीजेपी और इंडिया ब्लॉक दोनों के लिए बेहद अहम हो गए हैं।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार अभी उपचुनाव की तारीख नहीं आई है, लेकिन दोनों गठबंधनों ने चुनाव के लिए अपनी कमर कसनी शुरू कर दी है। बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष हार की समीक्षा के साथ-साथ इन 10 सीटों की तैयारियों का जायजा लेने लखनऊ पहुंचे गए है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव संसद का सत्र खत्म होते ही लखनऊ में इन चुनाव के लिए अपने दफ्तर में जम गए हैं और उपचुनाव में सीटों और कैंडिडेट को लेकर अपने संगठन और नेताओं से फीडबैक लेना शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए इन 10 विधानसभा सीटों के उपचुनाव में जीत हासिल करना उनके सियासी भविष्य के लिए बेहद जरूरी है । ये उनका सबसे बड़ा लिटमस टेस्ट होगा क्योंकि अगर इन सीटों पर बीजेपी चुनाव हार जाती है तो फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सवाल उठने शुरू हो जाएंगे।
लोकसभा की जीत से अखिलेश यादव मोमेंटम को इस उपचुनाव में भी बनाए रखना चाहेंगे, क्योंकि 2027 में उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव उनके लिए जीवन-मरण का चुनाव होने वाला है।
गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में 80 लोकसभा सीटों की ज्यादातर विधानसभा सीटों पर सपा और कांग्रेस गठबंधन ने जीत दर्ज की है।
Published : 7 July 2024, 8:10 AM IST
Topics : Akhilesh Yadav Assembly By Elections CM Yogi Lucknow अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ लखनऊ विधानसभा उपचुनाव