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भोपाल: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उपाध्यक्ष एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल के विस्तार के ठीक पहले जातीय असंतुलन को लेकर पार्टी नेतृत्व के समक्ष ‘सैद्धांतिक असहमति का इजहार किया और मांग की कि मंत्रिमंडल की सूची को संतुलित किया जाये।
सूत्रों ने बताया कि भारती ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को संदेश भेज कर राज्य मंत्रिमंडल के विस्तार में ‘सैद्धांतिक मुद्दों पर गहरी आपत्ति व्यक्त की है।
सूत्रों के अनुसार भारती ने भाजपा नेतृत्व को भेजे संदेश में कहा है, “अभी मुझे मध्य प्रदेश के मंत्रिमंडल की जो जानकारियां मिल रहीं हैं, जिनके अनुसार प्रस्तावित मंत्रिमंडल में जातीय समीकरण बिगड़ा हुआ है, जिसका मुझे दुख है। ......मंत्रिमंडल के गठन में मेरे सुझावों की पूर्णतः अनदेखी करना उन सबका अपमान है जिनसे मै जुड़ी हुई हूँ इसलिये जैसे कि मैंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से बात की है उसके अनुसार सूची में संशोधन कीजिये।”
इस बारे में जब भारती से लखनऊ में संपर्क किया गया तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। उन्होंने ना तो इसका खंडन किया और ना पुष्टि।
भारती अयोध्या के श्रीरामजन्मभूमि मामले में केन्द्रीय जांच ब्यूराे (सीबीआई) की अदालत में पेश होने के लिए लखनऊ गयीं हैं।(वार्ता)
Published : 2 July 2020, 1:19 PM IST
Topics : Madhya Pradesh uma bharti उमा भारती भाजपा भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश शिवराज सिंह चौहान सैद्धांतिक असहमति’