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महराजगंज: जनपद के थाना निचलौल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा शीतलपुर भट्टी टोला में वर्ष 1998 में चरित्रहीनता के आरोप में अपनी बहन व गांव की एक अन्य लड़की की हत्या करने के मामले में सुदामा पुत्र लाल बहादुर को दोषी पाए जाने पर सत्र/जनपद न्यायाधीश नीरज कुमार ने धारा 14, 302 सपठित धारा 149 एवं धारा 201 भारतीय दंड संहिता के तहत आजीवन कारावास के साथ ही साथ 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं कुल ₹13000 के अर्थदंड से दंडित किया है।
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता को मिली जानकारी के अनुसार वादिनी मुकदमा लीलावती देवी पत्नी रामानंद हरिजन निवासी ग्राम सभा शीतलपुर, भट्टी टोला, दिनांक 28 सितंबर 1998 को थाना निचलौल मैं रिपोर्ट दर्ज कराया की मेरे पास चार बच्चे हैं जिनके नाम बिंदा, रंभा, पवन कुमार व किरण है मेरी बेटी रंभा की उम्र 12/13 वर्ष की थी।
रंभा गांव के प्रधान के वहां वहां गई थी जो मेरे बुलाने पर भी नहीं आई। जब रात में मेरी बेटी घर नहीं आई तब दूसरे दिन मैं प्रधान के घर गई बेटी के न मिलने पर दिनांक 27 सितंबर 1998 को गांव के किनारे नदी में मेरी बेटी रंभा व विद्यावती की लाश मिली।
विवेचना के पश्चात विवेचक द्वारा न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। जिसके विचारण के दौरान अधिवक्ता ने गवाहों को पेश कर सजा की मांग की। विचारण के दौरान आरोपी अभियुक्त लाल बहादुर एवं उसकी पत्नी सरस्वती की मृत्यु हो गई।
न्यायालय द्वारा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य एवं सबूत के आधार पर अभियुक्तता लीलावती को दोषमुक्त करते हुए आरोपी अभियुक्त सुदामा को उक्त सजा सुनाई है।
Published : 18 April 2024, 8:16 PM IST
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