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नई दिल्ली: राजधानी के सीलमपुर के कुख्यात बदमाश साबिर चौधरी और अनवर चाचा पर उत्तर पूर्वी जिला पुलिस जल्द ही मकोका लगा सकती है।
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के अनुसार यह दोनों बदमाश मकोका की रडार से इसलिए बचते चले आ रहे थे कि पुलिस इन दोनों के संबंध हाशिम बाबा के साथ साबित नहीं कर पा रही थी। पिछले साल दक्षिणी दिल्ली में हुए जिम संचालक नादिर शाह की हत्या का मास्टरमाइंड इन दोनों को माना जा रहा है।
पुलिस ने लगाई थी मकोका
नादिर की हत्या करने वाले शूटरों को फरारी कटवाने वाले कबीर नगर के एक बदमाश को स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था। इसे सेल ने सरकारी गवाह बना दिया। जिसके बयान के बाद यह पुख्ता हो गया है यह दोनों बदमाश बाबा गिरोह के लिए पर्दे के पीछे रहकर काम कर रहे थे।
सितंबर 2024 में गोकलपुरी थाने में हाशिम बाबा व इसके गिरोह के बदमाशों पर पुलिस ने मकोका लगाई थी। इस मकोका में पहली गिरफ्तारी कुछ ही दिनों पहले वेलकम के बदमाश इसरार उर्फ पोपट की हुई थी। सूत्रों का कहना है कि नादिर की हत्या में नाम सामने आने के बाद साबिर व जाफराबाद निवासी अनवर चाचा फरार चल रहे हैं।
साबिर ने भाई की हत्या का ऐसे लिया बदला
स्पेशल सेल की टीमें कई बार सीलमपुर व नए जाफराबाद में छापेमारी कर चुकी है। सूत्रों ने बताया कि साबिर का बड़ा भाई सीलमपुर के सलीम चौधरी गिरोह से जुड़ा हुआ था, जुलाई 2008 में अनवर ठाकुर गिरोह के बदमाशों ने उसकी हत्या कर दी थी। साबिर ने उसी दिन सीलमपुर थाने के गेट पर ही अपने भाई के दो हत्यारों की हत्या कर दी थी।
तब साबिर ने अपना अलग गिरोह बना लिया था। पुलिस ने वर्ष 2009 में उसपर मकोका लगाई थी, लेकिन वह बरी हो गया। अनवर ने वर्ष 2014 में कबीर नगर में एक शख्स की हत्या की थी। यह मूलरूप से मेरठ का रहने वाला है। इसके भाई पर 50 से अधिक आपराधिक केस दर्ज हैं। सूत्रों का कहना है कि साबिर व अनवर दोनों हाशिम बाबा के लिए काम कर रहे थे।
Published : 5 April 2025, 1:37 PM IST
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