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रांची (झारखंड): आज के आधुनिक जमाने में भी कई जगहों पर अंधविश्वास का बसेरा है, जहां किसी को जान से मारने के लिए आंखों पर अंधविश्वास का पर्दा होना काफी है। अंधविश्वास की वजह से एक बार फिर किसी जान गई है। खूंटी के अड़की थाना क्षेत्र के तिरला गांव से ऐसा ही एक नया मामला सामने आया है। यहां पुलिस को हड़लामा जंगल से एक दंपत्ति की लाश मिली है।
हड़लामा जंगल में मिली दंपत्ति की लाश की पहचान मलगुन मुंडा और उसकी पत्नी बानो मुंडाईन के रूप में की गई है। मरने वाले मलगुन मुंडा और पत्नी बानो मुंडाईन के दो बेटे हैं, और वो दोनों ही बाहर दूसरे राज्यों के शहर में काम करते हैं। इस घटना की सूचना उन्हें दी गई। जिसके बाद दोनों बेटों ने घर पहुंचे, और अड़की थाना में अपने माता-पिता की हत्या का केस दर्ज करवाया।
वहीं शिकायत के बाद जब पुलिस ने इस मामाले की जांच शुरू और गांव के लोगों से इस घटना का बारे कुछ पूछने की कोशिश की, उन्होंने कुछ भी बताने से मना कर दिया। इस मामले को लेकर खूंटी के SDPO ने बताया कि बहुत जांच-पड़ताल करने के बाद पता चला है कि गांव में कुछ परिवार के लोग बीमार चल रहे थे। इसलिए उन्हें शक था की ये सब काम डायन कर रही है। इसलिए डायन होने के शक की वजह से उनकी हत्या की गई है। वहीं पुलिस ने बताया है कि इस घटना के बाद ग्रामीणों में डर फैला हुआ है। लेकिन ये मामला सुलझा लिया जाएगा और आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
Published : 12 January 2022, 4:36 PM IST
Topics : death Jharkhand Superstition अंधविश्वास अपराध क्राइम झारखंड डायन मौत रांची
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