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नई दिल्लीः भारतीय रेल द्वारा अगले तीन-चार साल में यात्री ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट टिकट का दौर ख़त्म करने की उम्मीद जताई जा रही है। साल 2023 तक पूर्वोत्तर के सभी राज्यों की राजधानियां रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगी।
भारतीय रेलवे ने कोविड महामारी काल में मार्च 2025 तक देश के सात अतिव्यस्त (एचडीएन) मार्गों को सेमीहाईस्पीड मार्गों में बदलने का लक्ष्य तय किया है और इससे पहले ही यात्रियों को मांग पर सीट उपलब्ध होगी।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि स्वर्णिम चतुर्भुज और उसकी लाइनों और दिल्ली से गुवाहाटी मार्ग समेत 11 हजार 295 किलोमीटर की एचडीएन लाइनों को मार्च 2025 तक 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति के परिचालन के अनुकूल बना दिया जाएगा जिस पर भारतीय रेलवे का कुल 60 प्रतिशत से अधिक यातायात चलता है।
रेल यात्रियों को दिल्ली-मुंबई रूट पर सबसे पहले कन्फर्म टिकट मिलेगी। इसको लेकर रेलवे ने पूरी तैयारी कर ली है। इसके बाद दिल्ली-कोलकाता रूट पर ट्रेन टिकट के कन्फर्म होने का इंतजार नहीं करना होगा। क्योंकि रेलवे ने इस रूट पर चलने वाली मालगाड़ियों के लिए अलग से ट्रैक बना रही है। अगले 2 साल में इसके पूरा होने की उम्मीद है।
Published : 18 July 2020, 11:59 AM IST
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