शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने योगी के मंत्री मोहसिन रजा को किया बर्खास्त

बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी और मोहसिन रजा के बीच विवाद जगजाहिर है। वक्फ के कई मामले में दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ आरोप लगाए हैं। कई मामलों में जांचें भी चल रहीं है।

Updated : 28 July 2017, 6:51 PM IST
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लखनऊ: योगी सरकार में एकमात्र मुस्लिम मंत्री मोहसिन रजा को शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने वक्फ की संपत्ति के विवाद में उन्हें मुतव्वली के पद से बर्खास्त कर दिया है। इस मामले में मंत्री ने कहा है संबंधित वक्फ (संपत्ति) उनके परिवार की है तथा विवाद अदालत में विचाराधीन है। उन पर साजिश के तहत झूठा इल्जाम लगाया जा रहा है। मोहसिन रजा राज्य सरकार में वक्फ व हज विभाग के राज्यमंत्री हैं।

शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने बृहस्पतिवार को सफीपुर के वक्फ आलिया बेगम की जमीन बेचने के इल्जाम में मोहसिन रजा को उसके मुतव्वली पद से बर्खास्त कर दिया था।

इस मामले में शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के प्रवक्ता आबिद रजा ने कहा है कि प्रकरण की जांच में वक्फ आलिया बेगम के पूर्व मुतवल्ली मोहसिन रजा वक्फ सम्पत्ति व पारिवारिक कब्रिस्तान बिकवाने के दोषी पाये गए हैं। बोर्ड ने मोहसिन रजा को मुतवल्ली पद से बर्खास्त कर वक्फ को सीधे बोर्ड के नियंत्रण में ले लिया है। निरीक्षक वजीर हसन को वक्फ आलिया बेगम का प्रशासक नियुक्त किया गया है।

अन्य प्रकरणों में बोर्ड की अनुमति के बिना पूर्व में बेची व खरीदी गई वक्फ संपत्तियों की शिकायतों पर सुनवाई हुई और वक्फ मोती मस्जिद, हुसैनाबाद के प्रकरणों का निस्तारण कर दिया है। साथ ही, बेची गई वक्फ संपत्ति का कब्जा वापस लेने के लिए जिलाधिकारी को वक्फ बोर्ड की धारा-52(क) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराने के भी आदेश दिए गए हैं।

उधर, इस पूरे मामले में राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने कहा है कि शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी के खिलाफ पहले से ही जांचें चल रही है। मेरठ के एक मामले में उनके खिलाफ चार्जशीट भी दायर की गई है। रिजवी साजिश के तहत उनके खिलाफ झूठा प्रचार कर उनकी छवि खराब कर रहे हैं। उन्होंने कहा, छवि खराब करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Published : 
  • 28 July 2017, 6:51 PM IST

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