Bihar: जंजीरों में रात-दिन अपने बच्चों को बांधने पर मजबूर हुए माता-पिता, लगा रहे मदद की गुहार

डीएन ब्यूरो

बिहार के रोहतास में एक ऐसा परिवार रहता है, जहां चार बच्चों को जंजीरों से बांध कर रखा जाता है। बच्चों की ये हालत देख माता-पिता के आंसू थमने का नाम नहीं लेते हैं, लेकिन आखिर ऐसी क्या मजबूरी है जो चाह कर भी माता-पिता अपने बच्चों को इन जंजीरो से नहीं छुड़ा पा रहे हैं। पढ़ें डाइनामाइट न्यूज़ पर पूरी खबर..

जंजीर में बंधे बच्चे
जंजीर में बंधे बच्चे

बिहार: रोहतास में एक दंपत्ती के कुल आठ बच्चे हैं, जिसमें से चार बच्चों को मजबूरी में जंजीरों से बांध कर रखा जाता है। इन्हें किसी तरह की कोई सरकारी मदद भी अभी तक नहीं मिली है, जिससे परिवार की परेशानी और ज्यादा बढ़ती जा रही है। 

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रोहतास जिले के डेहरी शहर का एक मोहल्ला बारह पत्थर है। जहां पर सरफुद्दीन अंसारी और परवीन बीबी के आठ बच्चों में से चार बच्चे मानसिक बिमारी से पीड़ित है, जिसकी वजह से उन्हें जंजीरों में बांध कर रखा जाता है। इस दंपती के बच्चे चार साल की उम्र के बाद ही मानसिक बीमारी के शिकार हो जाते हैं। पांचवें बच्चे में भी पहले के चार बच्चों जैसे ही लक्षण दिखाई दे रहे हैं। 

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सरफुद्दीन ने बताया कि जब भी उन बच्चों को खुला रखा जाता है तो वो तुरंत भागने लगते हैं और शरारतें करने लगते हैं। सरफुद्दीन किसी तरह मजदूरी करके अपना परिवार चला रहे हैं। जिस वजह से उनके पास इन बच्चों के इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। इसलिए उन्होनें थक-हार कर इन लोगों ने चारों को जंजीरों से बांध दिया है। उनका कहना है कि जन्म के सम सभी बच्चे स्वस्थ्य रहते हैं, लेकिन चार साल की उम्र आने तक इनकी मानसिक स्थिति खराब होने लगती है। 

सरकार से मदद मांगने के बाद भी उन्हें अभी तक कोई मदद नहीं मिली है। यहां तक कि दिव्यांगों को दिए जाने वाले पेंशन तक भी इन तक नहीं पहुंची है।
 

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