हिंदी
नयी दिल्ली: राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने कोरबा वेस्ट पावर के कर्ज समाधान के लिए वर्ष 2019 में पेश अडाणी पावर के प्रस्ताव को सही ठहराने के साथ ही शापूरजी पलोनजी एंड कंपनी को लंबित दावों के लिए मध्यस्थता प्रक्रिया में जाने को कहा है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार एनसीएलएटी की दो-सदस्यीय पीठ ने शापूरजी पलोनजी एंड कंपनी की तरफ से दायर याचिका पर यह फैसला सुनाया। इस याचिका में अडाणी पावर की तरफ से पेश कर्ज समाधान प्रस्ताव को मंजूरी देने के एनसीएलटी के आदेश को चुनौती दी गई थी।
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की अहमदाबाद पीठ ने 24 जून, 2019 को अपने आदेश में कर्जदार कंपनी कोरबा वेस्ट पावर के कर्ज समाधान के लिए अडाणी पावर की तरफ से पेश प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।
हालांकि, उस समय कोरबा वेस्ट पावर पर शापूरजी पलोनजी एंड कंपनी की 45.22 करोड़ रुपये की देनदारी बाकी थी और यह मामला मध्यस्थता प्रक्रिया में था।
कोरबा वेस्ट पावर ने ऋणशोधन अक्षमता एवं दिवाला संहिता की धारा 10 का हवाला देते हुए खुद ही कंपनी दिवाला समाधान प्रक्रिया शुरू कर दी थी। ऐसा होते ही कंपनी पर ऋण स्थगन लग गया और मध्यस्थता प्रक्रिया भी बीच में रुक गई थी।
एनसीएलटी के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर फैसला सुनाते हुए अपीलीय न्यायाधिकरण ने अडाणी पावर के कर्ज समाधान प्रस्ताव को सही ठहराया। इसके साथ ही न्यायाधिकरण ने शापूरजी पलोनजी एंड कंपनी को अपने बकाया की वसूली के लिए मध्यस्थता प्रक्रिया जारी रखने को कहा है।
Published : 27 February 2023, 3:32 PM IST
No related posts found.