नवरात्रि विशेषः यूपी में मां दुर्गा की प्रतिमाओं को कुछ इस अनोखे अंदाज में तैयार करते हैं मूर्तिकार

डीएन ब्यूरो

नवरात्रि की तैयारियां भारतभर में शुरू हो गई है। नौ दिनों तक चलने वाले इस त्यौहार का भक्त बढ़ी बेसब्री से इंतजार करते हैं। उत्तर भारत के यूपी में इस बार कुछ अनोखे ढंग से तैयारियां की जा रही है। यहां महराजगंज जिले में मूर्तिकार मां दुर्गा की प्रतिमाओं को कुछ इस तरह दे रहे हैं अंतिम टच। पढ़ें, डाइनामाइट न्यूज़ की खास रिपोर्ट


महराजगंजः शारदीय नवरात्रि को लेकर उत्तर भारत के राज्यों में जोर-शोर से तैयारियां चल रही है। जहां एक तरफ मूर्तिकार मूर्तियों को अंतिम टच देने में जुटे हैं वहीं मां के भक्त दुर्गा मां को अपने घरों में स्थापित करने के लिए घरों की साफ-सफाई का खासा ध्यान दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में भी हर साल की तरह इस बार भी शारदीय नवरात्रि पर विशेष तैयारियां चल रही है।   

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डाइनामाइट न्यूज की टीम ने यहां पहुंचकर मूर्तिकारों से जाना किस तरह से तैयार की जाती है मूर्तियां और दुर्गा मां की प्रतिमाओं को तैयार करते समय मां नवरात्रि में किस तरह से बरसाती हैं उन पर कृपाः     

1. नवरात्रि के लिए मां की मूर्तियां बनाने वाले मूर्तिकारों का कहना है कि वह नवरात्रि से पहले ही दो महीने पहले से तैयारियां शुरू कर देते हैं। 

2. मूर्तिकारों का कहना है कि उनके पास मूर्तियों के लिए मां के भक्तों की डिमांड भी आती है जिससे उन्हें तय समय पर मां की प्रतिमाओं को तैयार करना पड़ता है।  

 

3. मूर्तिकारों ने बताया कि एक मूर्ति को बनाने में लगभग 15 से 20 दिन लग जाते हैं। साथ ही मूर्तियों की रंगाई इनकी साज-सज्जा के लिए अलग से कारीगर लगे होते हैं।

4. मूर्तियों को बनाने में विशेष मिट्टी इस्तेमाल में लाई जाती है। इन मूर्तियों को बेहद खूबसूरत आकार देने के लिए सभी मूर्तिकार अपनी तरफ से जीतोड़ मेहनत करते हैं।

5.वमूर्तियों बनाने की विधि को ज्यादातर कलाकारों ने पश्चिम बंगाल में कोलकाता से सीखा है। कोलकाता में इन्होंने इसके लिए लगभग 5 साल दिए हैं। यानी वहां ये मूर्तिकार 5 साल से मूर्तियां बनाना सीख रहे थे। 

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6.लगातार बढ़ रही मंहगाई की वजह से मूर्तिकारों की भरपूर कोशिश रहती हैं कि ये जितनी कम लागत लगे उतने कम में मूर्तियों को तैयार कर सके। क्योंकि ग्राहक इनसे मोलभाव करते हैं। धार्मकि उत्सव होने के कारण हमारी कोशिश रहती हैं यहां मां की प्रतिमा को लेने आए सभी ग्राहक अपने घरों में मूर्तियों को स्थापित कर सके।

7. मूर्तिकारों का कहना है कि उनके पास विभिन्न समितियों की तरफ से कुछ अनोखी मूर्तियां बनवाने के भी आर्डर आते हैं। इससे उनकी कमाई भी ठीक-ठाक होती है।

8. इन मूर्तियों में विशेषतौर पर नटराज के नाम से प्रसिद्ध मूर्तियों की खासा डिमांड रहती है। इसलिए वह पहले से ही इसमें लगने वाले मैटीरियल को जुटा लेते हैं।   

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9. नटराज की मूर्तियां बनाने में खास बात यह है कि इनमें दुर्गा मां के कपड़ों से लेकर जेवर व आभूषण सभी मिट्टी से बनाए जाते हैं। इसके लिए खास मिट्टी में तरह-तरह के तत्व मिलाए जाते है।

10. महराजगंज में मूर्ति कलाकार कुन्नू प्रजापति ने डाइनामाइट न्यूज़ को बताया कि वह मूर्तियां बनाने का काम साल में 4 महीने की करते हैं। बाकि समय में कुन्नू मंदिर निर्माण संबंधित कार्य से अपनी जीविका को चलाते हैं। 

 

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