हिंदी
गोरखपुर: यूपी के गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के कारण पिछले पांच दिनों में 36 बच्चों की मौत हो चुकी है। जिससे वहां हड़कंप मचा हुआ है। इतना ही नहीं इस घटना के बात सियासी पारा भी तेज हो गया है। बता दें कि डाइनामाइट न्यूज़ के खबर की वजह से गोरखपुर मेडिकल कॉलेज का मामला बना राष्ट्रीय मुद्दा बना है। 11 अगस्त को सबसे पहले डाइनामाइट न्यूज़ ने इस खबर को ब्रेक किया उसक बाद ये खबर हर जगह चर्चोओं में आ गई।
यह भी पढ़ें: अखिलेश यादव: गोरखपुर की घटना पर सरकार सच्चाई बताने से बच रही है

यह पहला मौका नहीं है जब इस अस्पताल में तकरीबन तीन दर्जन से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। इससे पहले भी इस अस्पताल में कई बच्चों ने अपनी जान गवाई है। आकड़ों के मुताबिक पिछले 6 सालों यानि 2012-2017 के बीच बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तकरीबन तीन हजार से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। शायद यही वजह है कि BRD हॉस्पिटल को मौत का अस्पताल भी कहा जाता है।
यह भी पढ़ें: गुलाम नबी आजाद: सीएम मांगे माफी और स्वास्थ्य मंत्री दें इस्तीफा
योगी आदित्यनाथ के संस्दीय क्षेत्र गोरखपुर के स्वास्थ्य चिकित्सकों का मानना है कि इतनी मौतें प्रशासन की लापरवाही के कारण हुई हैं। वहीं गोरखपुर के चिकित्सक एके प्रसाद ने कहा कि पहले भी अस्पताल के इनसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती खासतौर पर बच्चों की मौत लापरवाही के कारण हुई है।
Published : 12 August 2017, 1:49 PM IST
No related posts found.