मुरादाबादः जाली करेंसी गैंग के लीडर को दबोचने के लिए पुलिस ने की ऐसी डील, जानकर उड़ जाएंगे आपके होश

नकली नोट छापने वाले गैंग का लीडर बाइक पर प्रेस लिखकर घूमता था। खुद को पत्रकार बता मोहल्ले में रौब गांठता था। पुलिस ने उसे दबोचने के लिए ऐसी डील की, जिसे सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज की पूरी रिपोर्ट

Updated : 23 December 2024, 4:49 PM IST
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मुरादाबादः नकली नोट छापने वाले गैंग का लीडर अपनी बाइक पर प्रेस लिखवा कर घूमता था। खुद को पत्रकार बताकर वह लोगों से मिलता था। यही नहीं, पत्रकार बता अपने मोहल्ले में भी रौब गांठता था। किसी को उसपर शक ना हो इसके लिए पिछले दो साल से वह फोटो क्लिक कर पत्रकारों को वाट्सएप पर भेजने लगा था। मगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के लिए ऐसी चाल चली कि जिसमें वो फंस गया और रंगे हाथों पकड़ा गया।

डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी आदिल ने जाली करेंसी छापने के लिए घर से 500 मीटर की दूरी पर एक विधवा महिला का मकान किराए पर लिया हुआ था। पुलिस ने पूरी तैयारी के साथ जब उसके ठिकाने पर दबिश दी तो वहां से पौने तीन लाख रुपये बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, जाली करेंसी का पूरा नेटवर्क आदिल उसी घर से संचालित कर रहा था।

पुलिस ने आरोपी इस डील के जरिए फंसाया
पुलिस के आला अधिकारियों के अनुसार, जाली करेंसी को लेकर पुलिस के पास लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। तीन महीने से आदिल पुलिस के राडार पर था। पुलिस उसे रंगे हाथ दबोचना चाहती थी। इसीलिए पुलिस ने उससे एक लाख रुपये की जाली करेंसी की डील फाइनल की थी। वह कई दिनों से रातभर नकली नोट छापने के काम में लगा हुआ था और यही उसके फंसने की वजह बनी, क्योंकि पुलिस टीम लगातार उसपर नजर रखे हुए थी। 

पुलिस की पूछताछ में उसने खुद को 10वीं पास बताया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी आदिल 500 रुपये का नोट देकर 100 रुपये का सामान लेता था। इसी तरह उसने और उसकी गैंग के साथियों ने तीन लाख रुपये बाजार में खपा दिए थे। 

लोग उसे घरों में फातिहा पढ़ने के लिए बुलाते थे

पुलिस के अनुसार, आदिल बहुत शातिर है। उसके मुहल्ले के एक व्यक्ति ने बताया कि लोग उसे घरों में फातिहा पढ़ने के लिए बुलाते थे। सभी की नजर में बहुत सीधा बनकर रहता था। सोशल मीडिया पर जैसे ही उसकी गिरफ्तारी की खबरें प्रसारित हुईं उसका फोटो देखकर लोग हैरान हो गए। 

बता दें कि वर्ष 2023 में मझोला के जयंतीपुर में भी नकली नोट छापने वाला गैंग दबोचा गया था। 

पुलिस का कहना है कि घनी आबादी वाला क्षेत्र होने की वजह से इस तरह के लोग किराए पर कमरा लेकर छपाई का काम शुरू कर देते हैं और आसपास के लोगों को बताते हैं कि प्रिंटिंग प्रेस का काम हो रहा है। ताकि लोगों को उनपर कोई शक नहीं हो।

उस समय पुलिस ने नफीस समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इनके पास से भी पुलिस को बड़ी मात्रा में जाली करेंसी बरामद हुई थी।

Published : 
  • 23 December 2024, 4:49 PM IST

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