महराजगंज: प्याज निर्यात पर प्रतिबंध से भारत-नेपाल सीमा पर सैकड़ों ट्रकों का जमावड़ा, एक्सपोर्टर्स में हड़कंप

डीएन ब्यूरो

डायरेक्ट्ररेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड द्वारा देश से प्याज के निर्यात को प्रतिबंधित किये जाने से सोनली स्थित भारत-नेपाल सीमा पर ट्रकों की लंबी कतार लग गयी है। पढिये, डाइनामाइट न्यूज की स्पेशल रिपोर्ट..


सोनौली (महराजगंज): देश मे सब्जियों की बढ़ती कीमत को काबू करने के लिये डायरेक्ट्ररेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने एक नोटिफिकेशन जारी कर सभी तरह के प्याज के निर्यात पर तुरंत पाबंदी लगा दी है। डीजीएफटी के इस प्रतिबंध से सोनौली स्थित भारत-नेपाल सीमा पर सैकड़ों ट्रकों को रोक दिया गया है। नेपाल के लिये प्याजा लेकर जाने वाले ट्रकों की यहां लंबी कतार लगी हुई है। 

भारत से रोजाना सैकड़ों ट्रक प्याज लेकर नेपाल जाते थे। लेकिन अब भारत सरकार द्वारा बीती रात किये गये फैसले के बाद अब नेपाल जाने वाले ट्रकों को यहां रोका जा रहा है। अचानक प्रतिबंध लगाये जाने के बाद रोके जार रहे ट्रकर्स में नाराजगी देखी जा रही है।  

देश में प्याज की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर सरकार ने इसके निर्यात पर पांबदी लगा दी है। इसमें बैंगलूर रोज और कृष्णापुरम प्याज भी शामिल है। अब तक प्याज की इन किस्मों के निर्यात पर कोई पाबंदी नहीं थी।

देश में प्याज की कीमतें बढ़ गई हैं और घरेलू बाजार में इसकी कमी है। यह कमी मौसमी है लेकिन कोविड-19 महामारी के दौरान पिछले कुछ महीनों में प्याज का जमकर निर्यात हुआ है। भारत ने अप्रैल-जून के दौरान 19.8 करोड़ डॉलर के प्याज का निर्यात किया जबकि पिछले पूरे साल 44 करोड़ डॉलर के प्याज का निर्यात हुआ था। भारत से बांग्लादेश, मलेशिया, यूएई और श्रीलंका को प्याज का सबसे अधिक निर्यात होता है।

अब प्याज के निर्यात को प्रतिबंधित किये जाने से उम्मीज जतायी जा रही है कि आने वाले दिनों में घरेलू बाजार में प्याजा की कीमतों में तेजी से गिरावट आ सकती है, जिससे उपभोक्ताओं के चेहरे खिल सकते हैं। 
 

 













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