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महराजगंजः मजदूरों को 100 दिन के रोजगार की गारण्टी देने वाली सरकार की चर्चित मनरेगा योजना भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा जरिया बन गया है। इसका ताजा उदाहरण धानी ब्लॉक में देखने को मिला, जहां केवल कागजों में मजदूरों से काम करवाया जा रहा है लेकिन धरातल पर न तो मजदूर दिखते हैं और न ही काम। कागजों में मजदूर और मजदूरी दिखाकर मनरेगा के नाम पर बड़ी लूट मचाई जा रही है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार धानी ब्लॉक के विभिन्न गांव में सरकार के निर्देशों के अनुपालन में प्रत्येक गांव में मस्टरोल में तो मजदूरों को रोजगार दिया जा रहा है लेकिन मौके पर कोई भी मजदूर काम करते नहीं दिख रहा है। ब्लॉक के ग्राम सभा करमहा में पुलिया से नाला तक चकबन्द का कार्य मस्टरोल में जारी है। यह काम कागज में काम तो चल रहा है, लेकिन,जमीन पर नहीं।

डाइनामाइट न्यूज ने जब इस मामले का पड़ताल की तो ग्रामीणों ने जो कुछ बताया, वह हैरान करने वाला था। ग्रामीणों ने बताया कि 20 जून से इस साइड पर कोई कार्य नहीं चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि फर्जी तरीके से यह कार्य केवल कागजों में चल रहा है। ग्रामीण ने अब इस मामले की जांच कर कार्यवाही करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि महराजगंज जनपद में मनरेगा में भारी भ्रष्टाचार हो रहा हैं। उनका दावा और विश्वास है कि अगर मनरेगा की जांच जमीन से जुड़ कर की जाए तो कई बड़े बड़े सूरमाओं को भी जेल की हवा खानी पड़ सकती है।
Published : 2 July 2021, 1:37 PM IST