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महराजगंज: बीजेपी के एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह का एक पत्र इन दिनों चर्चा में है। 5 अप्रैल को सीडीओ महराजगंज के नाम से लिखे गये इस पत्र में ग्राम विकास अधिकारी कमलेश शाही और शशिकांत पांडेय के स्थानांतरण के बारे में बात की गयी है।
मुख्यमंत्री का साफ निर्देश है कि कोई भी जनप्रतिनिधि तबादले-पोस्टिंग के बारे में अफसरों को कोई पत्र नही लिखेगा।
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मैंने कोई पत्र नही लिखा- एमएलसी
डाइनामाइट न्यूज़ ने एमएलसी से इस बारे में बात की तो उन्होंने कहा कि जो लेटर पैड सामने आया है वह फर्जी है। हमने कभी ऐसा लेटर पैड जारी नहीं किया। उन्होंने कहा कि कोई जालसाज है जो मेरे नाम का फर्जी लेटर पैड का इस्तेमाल कर रहा है।
डीडीओ छुट्टी पर, आते ही होगी जांच- सीडीओ
वहीं जब डाइनामाइट न्यूज़ ने सीडीओ राम सिंहासन प्रेम से बात की तो उन्होंने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में है। अभी डीडीओ छुट्टी पर हैं, जैसे ही वह आयेंगे इसकी जांच कराई जायेगी।
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संदेह के घेरे में हैं दोनों ग्राम पंचायत अधिकारी
इस बारे में आरटीआई कार्यकर्ता उमेश प्रसाद का कहना है कि कि दोनों ग्राम पंचायत अधिकारियों पर सरकारी धन के हेर-फेर का आरोप है और इसकी उच्चस्तरीय जांच भी चल रही है।
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बड़ा सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसने एमएलसी के पत्र का दुरुपयोग किया और क्यों? इससे किसको फायदा होता? इन सब सवालों के जवाब से पत्र के दुरुपयोग के रहस्य से आसानी से पर्दा उठ सकता है।
Published : 2 September 2017, 4:55 PM IST
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