DN Exclusive आखिर क्या है बैंकों की दिक्कत.. क्यों नहीं ले रहे है मंदिरों में चढ़ावे के सिक्के?

डीएन ब्यूरो

कुछ दिनों पहले सिक्कों को लेकर जो अफवाह फैलाई जा रही थी उस पर तो आरबीआई ने लगाम लगा दिया लेकिन अब मंदिरों में चढ़ने वाले चढ़ावे के रूप में जो सिक्के जमा हो रहे हैं उसको लेने से बैंक आनाकानी कर रहे हैं। आखिर क्या है इसकी वजह..पढ़ें, डाइनामाइट न्यूज़ की स्पेशल रिपोर्ट

फाइल फोटो
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लखनऊः हाल ही में 10 रुपए के सिक्कों को लेकर जो बवाल हुआ था, उसे लेकर आरबीआई ने ये निर्देश जारी किए कि जो काई भी 10 रुपए के इन सिक्कों को नकली बता रहा हैं या फिर इसे लेने से मना करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। साथ ही आरबीआई ने इन सिक्कों को लेकर अफवाह फैलाने वालों पर बड़ी कार्रवाई के आदेश दिये  थे। लेकिन अब एक बार फिर सिक्कों को लेकर बवाल खड़ा हो गया है।  

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इस बार इसके असली-नकली को लेकर नहीं, बल्कि मंदिर में जमा हुए चढ़ावे की धनराशि को लेकर है। बैंकों द्वारा मंदिरों के सिक्कों को लेने में आनाकानी को लेकर समस्या खड़ी हो रही है। लखनऊ स्थित कई बड़े मंदिरों में कई लाख रुपए का चंदा सिक्कों के रूप में इकट्ठा हुआ है, जब मंदिर प्रबंधन इसे बैंक में जमा करने के लिए पहुंच रहा है तो बैंक ने इन सिक्कों को लेने मना कर दिया।

प्रतीकात्मक तस्वीर

राजधानी के मंदिरों जैसे हनुमान सेतु मंदिर, अलीगंज के पुराने हनुमान मंदिर व प्रसिद्ध मनकामेश्वर मंदिर में लाखों के चंदे के हजारों सिक्के जमा है। इन मंदिरों में सिक्कों का इतना ज्यादा स्टॉक इकट्ठा हो गया है कि अब मंदिर प्रबंधन बैंक की आनाकानी के बाद ऐसे सिक्कों को खपाने के लिए नए-नए तरीके इजाद कर रहा है। जैसे इससे दूध, सब्जी व अन्य जरूत के सामान को मंगाया जा रहा है। बावजूद सिक्कों के अंबार को बाजार में खपाने में भी काफी परेशानी पेश आ रही है। 

सिक्कों को जमा करने के लिए बैंक को ये परेशानी हो रही है कि आखिर लाखों रुपए के इन सिक्कों को गिना कैसे जाए। क्योंकि बैंक में हर रोज कई ग्राहक पैसे निकासी और जमा करने के लिए आते हैं अब अगर कैशियर हजारों की संख्या में भरी इन सिक्कों की पोटली को ही गिनने में लग जाए तो फिर कैसे दूसरे ग्राहकों का पैसा जमा हो पाएगा। बैंकों के सामने समस्या ये भी है कि संबंधित सिक्कों को गिनने के लिए उनके पास कोई अलग से काउंटर भी नहीं है।  

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वहीं सिक्कों को बैंक द्वारा मना करने की बात का खंडन करते हुए आरबीआई की प्रवक्ता अल्पना किल्लावाला का कहना है कि अगर ज्यादा संख्या में बैंक में सिक्के जमा कराने वाले हैं तो इन सिक्कों को करेंसी चेस्ट में भेजा जा सकता है।     

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कोई भी बैंक इन सिक्कों को लेने से मना नहीं करेगा। इसके लिए जरूरी है कि सिक्के जमा कराने पहुंच रहे ग्राहक को थोड़ा सब्र रखना पड़ेगा वहीं बैंक प्रबंधन को भी चाहिए कि वह इन सिक्कों को गिनने के लिए अलग से स्टाफ को इसे गिनने के लिए लगाए।  

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वहीं मंदिरों में प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्तगण चंदे के रूप में सिक्के चढ़ाते है अब चंदा चाहे सिक्कों के रूप में आए या फिर नोट के रूप में श्रद्धालुओं को मंदिर के पुजारी इन्हें चढ़ाने से मना तो नहीं कर सकते न ही ये कह सकते हैं कि भक्तगण सिर्फ नोटों को ही चंदे के रूप में मंदिर में चढ़ाए। अब देखना ये हैं कि मंदिर में सिक्कों के रूप में चढ़ाए जाने वाले चंदे को बैंक कब तक जमा करते है।
 













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