यूपी की मंत्री ने माना- सूबे की स्वास्थ्य सेवाएं बीमार, इलाज करेगी सरकार

परिवार एवं महिला-कल्याण मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने अपने मंत्रालय की 6 माह की उपलब्धियों को गिनाते हुए स्वीकार किया कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल ज्यादा संतोषजनक नहीं है। सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों और ट्रेन्ड पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी है।

Updated : 7 October 2017, 6:50 PM IST
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लखनऊ: सूबे की परिवार एवं महिला-कल्याण मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने जहां अपने मंत्रालय की 6 माह की उपलब्धियों को गिनाया वहीं उन्होंने यह भी माना कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल ज्यादा संतोषजनक नहीं है। उन्होंने अप्रत्यक्ष तौर पर स्वीकार किया कि स्वास्थ्य सेवाओं को इलाज की सख्त जरूरत है। डॉ. जोशी ने स्वीकार किया कि अस्पतालों में डाक्टरों और ट्रेन्ड पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी है। कई सरकारी अस्पतालों से मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों मे भी ट्रान्सफर कर दिया जाता है।

प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं सरकारी डॉक्टर

अपने मंत्रालय की 6 माह की उपलब्धियों को बताने के लिये आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा सभी लोगों को सस्ती दरों पर अच्छी से अच्छी स्वास्थ्य सुविधायें मुहैया कराना है। इस दौरान उन्होनें अपने विभाग द्वारा शुरू कियें गये विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने यह भी माना की कई सरकारी विशेषज्ञ डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस भी करते हैं।
 

स्वास्थ्य सुविधाओं काफी सुधार की जरूरत
डॉ. जोशी ने बताया कि सरकारी अस्पतालों मे डाक्टरों की कमी को दूर करने के लिए डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया युद्ध स्तर पर चल रही है। जिससे अस्पतालों में डाक्टरों और ट्रेन्ड पैरामेडिकल स्टाफ की कमी पूरी दो सकेगी।  उन्होनें बताया की सूबें के सरकारी अस्पतालों मे बायोमेट्रिक लगाने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे शिकायतों में कमी आने की उम्मीद है।

कंगारू मदर केयर यूनिट्स की स्थापना
मंत्री ने बताया कि यूपी में कई बार बच्चे जन्म से ही कम वजन वाले और कुपोषित होते हैं। ऐसे बच्चों के लिए कंगारू मदर केयर यूनिटें बनाई गई हैं। जहां इन बच्चों की विशेष देखभाल की जाती है। जिससे शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। उन्होंने बताया कि पहले चरण में सूबे के 25 जिलों मे इन यूनिट्स की स्थापना की गई है।

 

मुखबिर योजना का बढेगा दायरा
डॉ. जोशी ने कहा कि कई बार जगह-जगह से अवैध रूप से चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटरों की सूचना मिलती रहती है। इन पर लगाम लगाने के लिए एसटीएफ की तर्ज पर एक संगठन तैयार करने की तैयारी है, जो लिंग अनुपात में सुधार लाने के मकसद से अवैध अल्ट्रासाउंड सेन्टरों पर छापा मारकर कार्रवाई करेगा।

 

कम कीमत पर महिलाओं को अल्ट्रासाउंड सुविधा
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत 40 जिलों की सीएचसी यूनिट्स पर कम कीमत में महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू की गई है। अब तक इस योजना में 3 हजार से ज्यादा महिलाओं को फायदा मिल चुका है।

 

Published : 
  • 7 October 2017, 6:50 PM IST

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