गोमती रिवर फ्रंट घोटाले की सीबीआई जांच को मंजूरी, फंसेंगे कई बड़े नेता

डीएन संवाददाता

यूपी सरकार ने पिछली सपा सरकार के एक औऱ प्रोजेक्ट की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की है।

गोमती रिवर फ्रंट
गोमती रिवर फ्रंट

लखनऊ: पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी की सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट गोमती रिवर फ्रंट में हुए कथित घोटाले की सीबीआई जांच को अब हरी झंडी मिल गयी है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना की जांच के लिए केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने भी अपनी सिफारिश भेजी है। आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री बनते ही इस परियोजना पर सवाल उठाये थे, जो इस प्रोजेक्ट की शुरुआती जांच में सही भी पाए गए।  

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योगी आदित्यनाथ

उल्लेखनीय है कि अखिलेश सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट की लागत 656 करोड़ रुपये थी, जो बाद में बढ़कर 1513 करोड़ हो गई थी। प्रोजेक्ट के कुल लागत की 90 प्रतिशत धनराशि खर्च होने के बावजूद कार्य पूरा नहीं हो पाया था और पूर्ण हुए कार्यों में कई तरह की अनियमितता देखने को मिल रही थी। यही कारण था कि योगी ने इस परियोजना पर सवाल उठाये थे।  

कार्मिक मंत्रालय की संस्तुति के बाद अब इस परियोजना की सीबीआई जांच होने के रास्ते खुल गए है। 

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समझा जाता है कि सीबीआइ द्वारा इस परियोजना की जांच किये जाने से पूर्व सरकार के कुछ नेता समेत कई बड़े लोग इस  जांच के घेरे में आएंगे। समझा जाता है कि अखिलेश सरकार के तत्कालीन सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव भी इस जांच की जद में होंगे।

गृह सचिव भगवान स्वरूप का भी कहना है कि रिवर फ्रंट परियोजना की जांच  के लिए सीबीआइ को सभी आवश्यक संसाधन मुहैया कराये जाएंगे।

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