हिंदी
लखनऊ: यूपी की राजधानी के प्रतिष्ठित अस्पताल केजीएमयू (किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) गंभीर बीमार लोगों के लिए एक बड़ी आशा का केंद्र रहता है। यहां पूरे प्रदेश से गंभीर मरीजों को इलाज के लिए लाया जाता है। बीते दिनों लापरवाही के कारण एक बच्चे की मौत हो गई। बच्चे का पिता सीनियर डॉक्टर को बुलाने की गुहार ही लगाता रह गया। यह हाल तब है जब अस्पताल में भर्ती करवाने के लिए एक मंत्री से सिफारिशी फोन करवाया गया था।
हरदोई निवासी सात माह के रिषभ की तबीयत खराब होने पर परिजनों ने पहले स्थानीय डॉक्टरों को दिखाया। स्थानीय डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए केजीएमयू के लिए रेफर कर दिया गया था।
बीती 27 जून को पिता बृजेश उसे लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे थे लेकिन बीमार बच्चे को वहां भर्ती नहीं किया गया। डॉक्टरों ने बृजेश कुमार को बताया, ट्रॉमा सेंटर में बेड नहीं खाली होने के कारण भर्ती किया जा रहा है। जिसके बाद बच्चे को बाल रोग विभाग में भेज दिया गया।
रात 11 बजे बच्चे को ट्रॉमा सेंटर में भटकने के तकरीबन चार घंटे बाद बाल रोग विभाग में भर्ती किया गया। हालत गंभीर होने के बावजूद बच्चे का इलाज जूनियर डॉक्टर ही करते रहे। वहीं शुक्रवार को हालत बिगड़ने पर परिजनों ने सीनियर डॉक्टर को बुलाने की फरियाद करते रहे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
सीएम से ट्विटर पर शिकायत
लापरवाही के संबंध में परिजनों ने सीएम से ट्विटर पर शिकायत की बात भी बताई। साथ ही चिकित्सा शिक्षा मंत्री से लिखित शिकायत करने की बात की बात भी बताई। गौरतलब है इससे पहले भी लापरवाही के कारण कई बच्चों की मौत हो चुकी है लेकिन हालत डॉक्टरों का रवैया वही बरकरार है।
Published : 6 July 2019, 11:25 AM IST
Topics : Doctor King George s Medical University Lucknow uttar pradesh उत्तर प्रदेश किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी डॉक्टर योगी आदित्यनाथ लखनऊ