शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन, लोकसभा में नहीं हुआ शून्यकाल, राज्यसभा भी हंगामे के बाद स्थगित

डीएन ब्यूरो

राज्यसभा में मंगलवार को वामदलों और कांग्रेस के सदस्यों के शोर शराबे के कारण शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो सका और सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी गयी।

फाइल फोटो
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नई दिल्ली: राज्यसभा में मंगलवार को वामदलों और कांग्रेस के सदस्यों के शोर शराबे के कारण शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो सका और सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी गयी। सभापति एम. वेंकैया नायडु ने सुबह सदन की कार्यवाही शुरु करते हुए जरुरी दस्तावेज पटल पर रखवाये और कहा कि कुछ सदस्यों ने नियम 267 के तहत चर्चा कराने के नोटिस दिये हैं जिन्हें अस्वीकार कर दिया गया है।

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इस पर कांग्रेस के राजीव गौडा और उनके दल के अन्य सदस्य तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के विनय विस्वम तथा वाम दलों के अन्य सदस्यों ने जाेर जाेर से बोलना शुरू कर दिया। इससे सदन में शोर शराबे की स्थिति बन गयी। सभापति ने सदस्यों से शांत होने की अपील करते हुए कहा कि इस तरह से किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं करायी जा सकती और सदस्यों को शून्यकाल चलने देना चाहिए। उन्होंने शून्यकाल शुरु करते हुए समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव का नाम पुकारा।

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इस बीच सदस्यों का हंंगामा जारी रहा तो उन्होंने कहा कि इस स्थिति में सदन नही चलाया जा सकता और उन्होंने सदन शुरु होने के मात्र 10 मिनट के भीतर कार्यवाही दो बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी।कांग्रेस के सदस्यों ने अर्थव्यवस्था की हालत और वामदलों के सदस्यों ने जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में शुल्क वृद्धि के मामले पर चर्चा कराने के नोटिस दिये थे। (वार्ता)

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