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महराजगंज: जनपद के लक्ष्मीपुर एकडंगा निवासी वीरेंद्र भारती ने श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड कंपनी से 90 हजार का लोन लिया था।
कंपनी के आफिसर बार-बार लोन के भुगतान को कह रहे थे लेकिन लोनधारक वीरेंद्र पैसे वापस नहीं कर रहा था।
मजबूरन कंपनी द्वारा कोर्ट की शरण ली गई। कोर्ट के बार-बार नोटिस के बावजूद वीरेंद्र पैसे वापस नहीं कर रहा था।
लोनधारक के इस रवैये से आजिज आकर कोर्ट ने इसकी 3.2 डिस्मिल जमीन को अमीन, लेखपाल और बैंक के अधिकारी की उपस्थिति में नीलामी के आदेश जारी किए।
शुक्रवार को इस भूमि की नीलामी कर श्रीराम फाइनेंस कंपनी को नब्बे हजार रूपए वापस कराए गए।
यह अब तक का सबसे बड़ा कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला माना जा रहा है।
Published : 10 May 2024, 5:02 PM IST
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