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नई दिल्ली: दिवाली का त्योहार देश में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार दिवाली 7 नवंबर को है। दिवाली के दिन मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा एक साथ की जाती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है किआखिर दिवाली के दिन गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा एक साथ क्यों की जाती है...
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पौराणिक कथा की माने तो लक्ष्मी जी को धन और संब्रद्धि का प्रतीक माना गया है। जिसकी वजह से लक्ष्मी जी को इसका अभिमान हो जाता है। विष्णु जी इस अभिमान को खत्म करना चाहते थे इसलिए उन्हों ने लक्ष्मी जी से कहा कि स्त्री तब तक पूर्ण नहीं होती है जब तक वह माँ ना बन जाये। इसके बाद मां लक्ष्मी दुखी हो जाती है, क्योंकि उनके पास कोई पुत्र नहीं था। इसके बाद देवी लक्ष्मी मां पार्वती के पास गयी और उनसे मदद मांगी।

मां लक्ष्मी ने पावर्ती से कहा कि आपके पास तो 2 पुत्र हैं उनमें से एक पुत्र को मुझे गोद दे दें। काफी सोचने समझने के बाद पार्वती ने पुत्र गणेश को उन्हें सौप दिया। इसके बाद मां लक्ष्मी काफी खुश हो जाती हैं और देवी पावर्ती से कहती हैं कि वो गणेश का काफी ख्याल रखेंगी। इसके बाद मां लक्ष्मी ने कहा कि जो सुख और समृद्धि के लिए लक्ष्मी जी का पूजन करते हैं उन्हें उनसे पहले गणेश जी की पूजा करनी पड़ेगी, तभी मेरी पूजा संपन्न होगी। तब से आज तक दीपावली पर लक्ष्मी जी की पूजा से पहले गणेश जी की पूजा की जाती है।
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Published : 27 October 2018, 11:07 AM IST
Topics : Diwali News Diwali Special दिवाली भगवान गणेश मां लक्ष्मी
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