हिंदी
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई शहरों के बीच का सफर अब और ज्यादा सुगम होने वाला है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गाजियाबाद से यूपी के बीच प्रस्तावित एक नये एक्सप्रेस-वे को मंजूरी दे दी है। इसका नाम ग्रीनफील्ड इकोनामिक कारिडोर है, जो लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे को जोड़ेगा।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 23 दिसंबर 2021 को गाजियाबाद में दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन समारोह के मौके पर इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण की घोषणा की थी। गाजियाबाद के सांसद वीके सिंह के अनुरोध पर गाजियाबाद से कानपुर तक के इस ग्रीनफील्ड इकोनामिक कारिडोर निर्माण को हरी झंड़ी दे दी गई है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस प्रोजेक्ट को गाजियाबाद- हापुड़- कानपुर -उन्नाव ग्रीनफील्ड इकोनामिक कारिडोर का नाम दिया है। इस एक्सप्रेस-वे बनने के बाद दिल्ली से लखनऊ जाने के लिए लोगों को एक नया रास्ता भी मिल जाएगा।
380 किलोमीटर लंबाई वाला यह कारिडोर 2025 तक बनकर तैयार होगा। यह कारिडोर लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे को जोड़ेगा। इसके निर्माण के बाद गाजियाबाद, हापुड़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से से जुड़े लोगों को यमुना एक्सप्रेस-वे पर जाने की जरूरत नहीं होगी।
केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह ने ट्वीट करके करके कहा कि इस कारिडोर के लिए जमीन का अधिग्रहण आठ लेन के एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर किया जाएगा। शुरुआत में सिर्फ चार लेन की सड़क का निर्माण किया जाएगा। यह कारिडोर लखनऊ से कानपुर के बीच बर रहे एक्सप्रेस-वे को उन्नाव और कानपुर के बीच जोड़ेगा जबकि गाजियाबाद और हापुड में मौजूदा मेरठ एक्सप्रेस-वे को जोड़ेगा।
Published : 6 May 2022, 3:52 PM IST
Topics : Delhi Greenfield Corridor Specialty Union Ministry of Transport उत्तर प्रदेश किलोमीटर केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ग्रीनफील्ड कारिडोर दिल्ली सफर