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नयी दिल्ली: केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मंगलवार को कहा कि यदि राज्य वित्तीय संकट में है, तो केंद्र को स्थिति से अवगत कराना उनका कर्तव्य है।
दिल्ली में पत्रकारों को संबोधित करते हुए खान ने कहा कि उन्होंने पहले ही केरल सरकार से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है और इसे सौंपने के लिए 10 दिन तक इंतजार करेंगे।
खान ने पेंशन भुगतान के अदालती निर्देश को लागू नहीं करने के लिए केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) के सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों द्वारा दायर अवमानना याचिका पर केरल सरकार के हलफनामे का उल्लेख किया। हलफनामे का संदर्भ देते हुए राज्यपाल ने कहा कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार कर्मचारियों को पेंशन का भुगतान करने की स्थिति में नहीं है।
खान ने कहा कि मुख्य सचिव ने हलफनामे में यह भी स्पष्ट किया कि सरकार दी गई वित्तीय गारंटी को निभाने की स्थिति में नहीं है।
राज्यपाल ने कहा, ‘‘...मैंने रिपोर्ट मांगी है... क्या आपने किसी मुख्यमंत्री को यह कहते हुए सुना है कि सरकार राज्यपाल के हर सवाल का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं है। उन्हें जवाब न देने दें। मैं 10 दिनों तक इंतजार करूंगा।’’
खान ने कहा, ‘‘अगर राज्य संकट में है, तो केंद्र सरकार को सिफारिश करना मेरा कर्तव्य है।’’ राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने (सरकार ने) खुद उच्च न्यायालय के समक्ष कहा है कि वे वित्तीय गारंटी को निभाने की स्थिति में नहीं हैं।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार खान ने कुछ दिन पहले राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी थी, जब एक सामाजिक कार्यकर्ता ने संकट का हवाला देते हुए संविधान के अनुच्छेद 360 (1) के अनुसार राज्य में वित्तीय आपातकाल लगाने की मांग करते हुए उनसे संपर्क किया था।
Published : 12 December 2023, 5:19 PM IST
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