गोरखपुर: फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी करने वाले हेड कांस्टेबल को भेजा गया जेल

डीएन ब्यूरो

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी लगाकर पुलिस के नौकरी पाने का मामला सामने आया हैं। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज की पूरी खबर

काल्पनिक दृश्य
काल्पनिक दृश्य


गोरखपुर: उत्तर प्रदेश पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात भवनाथ यादव को फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार भवनाथ यादव, पुत्र रामबेलास यादव, झंगहा थाना क्षेत्र के राघव पट्टी पडरी गांव का निवासी था और श्रावस्ती जिले के सोनावा थाने में तैनात था।

परिवारिक विवाद बना जांच की वजह

भवनाथ के चचेरे भाई देवव्रत यादव ने एसपी से शिकायत कर आरोप लगाया कि उसने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की फर्जी डिग्रियों के आधार पर वर्ष 1994 में पुलिस विभाग में नौकरी प्राप्त की थी। शिकायत में यह भी बताया गया कि पुश्तैनी जमीन के बंटवारे के बाद पेट्रोल पंप निर्माण को लेकर दोनों परिवारों में विवाद चल रहा था।

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देवव्रत यादव ने दावा किया कि पेट्रोल पंप निर्माण से नाराज होकर उसने पुलिस विभाग को शिकायत भेजी, जिसके बाद एसपी के निर्देश पर भवनाथ के प्रमाणपत्रों की जांच कराई गई। जांच में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए।

गिरफ्तारी के बाद भेजा गया जेल

डाइनामाइट न्यूज संवादाता मुताबित प्रमाणपत्र फर्जी साबित होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हेड कांस्टेबल भवनाथ यादव को गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। इस मामले से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है, और अन्य कर्मचारियों के प्रमाणपत्रों की भी जांच की जा सकती है।

पुलिस विभाग में बढ़ सकती है सख्ती

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फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी पाने के इस मामले के उजागर होने के बाद पुलिस विभाग में सख्ती बढ़ सकती है। सूत्रों के अनुसार, अब अन्य कर्मचारियों के प्रमाणपत्रों की भी गहन जांच की जा सकती है, जिससे फर्जी तरीके से नौकरी करने वालों पर शिकंजा कसा जा सके।

 










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