DN Exclusive: यूपी के पूर्व डीजीपी ओपी सिंह नहीं छोड़ पा रहे हैं सरकारी बंगले का मोह!

जय प्रकाश पाठक

अजब यूपी की गजब लीला है। दो साल से अधिक तक यूपी पुलिस की सबसे बड़ी कुर्सी पर काबिज रहे ओपी सिंह पद पर रहते हुए तो लगातार चर्चा में बने ही रहे, अब पद से हटने के बाद भी वे चर्चा में बने हुए हैं। इस बार उनके चर्चा के केन्द्र में बने रहने की वजह है राजधानी लखनऊ स्थित डीजीपी का सरकारी बंगला। डाइनामाइट न्यूज़ एक्सक्लूसिव:


लखनऊ: 1983 बैच के सेवानिवृत्त आईपीएस ओपी सिंह रिटायरमेंट के बाद भी चर्चा में बने हुए हैं। वजह है डीजीपी के तौर पर उन्हें आवंटित सरकारी बंगले को खाली न करना।

अमूमन सूबे में जब भी कोई डीजीपी रिटायर हो जाता है तो दो से तीन दिन में ही सरकारी आवास खाली कर देता है ताकि नये डीजीपी उसमें शिफ्ट हो सकें लेकिन 31 जनवरी को सेवानिवृत्त होने के बाद भी अब तक ओपी सिंह ने सरकारी आवास खाली नहीं किया है। जिसका नतीजा है कि एक महीने से अधिक का समय बीतने के बाद भी नये डीजीपी हितेश चन्द्र अवस्थी को ओपी सिंह के बंगले-प्रेम के कारण निर्धारित सरकारी आवास नहीं मिल पा रहा है।

ओपी सिंह (फाइल फोटो)

1, तिलक मार्ग, लखनऊ के इस सरकारी बंगले को खाली न करने के पीछे ओपी सिंह की मंशा क्या है? यह सवालों के घेरे में हैं? क्या वे अपने आप को किसी और सरकारी पद पर नियुक्त किये जाने की मंशा पाले बैठे हैं? या फिर उनके दिमाग में है कि अवस्थी को अभी तक कार्यवाहक डीजीपी ही नियुक्त किया गया है ऐसे में जब तक परमानेंट नियुक्ति न हो जाये तब तक आवास के रुप में मिली सभी सुविधाओं का हक समाप्त हो जाने के बावजूद भी बदस्तूर सुविधाभोग किया जाये। मंशा चाहे जो हो लेकिन ओपी सिंह अपने बंगले-प्रेम के कारण मातहतों के बीच जबरदस्त चर्चा के केन्द्र में हैं।

डीजीपी रहते हुए ओपी सिंह को नई दिल्ली स्थित स्थानिक आय़ुक्त कार्यालय में ओएसडी का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया था, उस वक्त इस तरह के आदेश को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हुई थीं क्योंकि कोई भी डीजीपी इस तरह के पद पर नहीं रहता लेकिन अंदर की खबर ये थी कि डीजीपी साहब लखनऊ के साथ-साथ अपने लिए एक बंगला दिल्ली में भी रखना चाहते थे, इसी मंशा के तहत साहब इस पद का अतिरिक्त कार्यभार भी अपने लिए जुगाड़ से जुटाने में कामयाब हो गये। 

हैरान करने वाली बात तो ये भी है कि डीजीपी रहते 1, तिलक मार्ग के सरकारी आवास में रहने वाले साहब ने 35वीं बटालियन पीएसी के परिसर में स्थित एक बंगला अपने लिए खुद ही अलॉट कर डाला। अब आप ही सोचिये साहब एक.. और दिल्ली से लेकर लखनऊ तक सरकारी बंगले तीन-तीन।

डीजीपी रहते पूरे दो साल वे तरह-तरह के कारणों से चर्चा में बने रहे। आखिर क्यों वे अपना बंगला खाली नहीं कर रहे हैं? इस रहस्यमय सवाल का जवाब हर कोई जानना चाहता है।

डाइनामाइट न्यूज़ ने जब इस बारे में यूपी के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी से बात की तो पहले तो वे हैरान हो गये, मगर बाद में इसका पता लगाने की बात कही जबकि अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने सीधे तौर पर इस मामले में कुछ भी बोलने से मना कर दिया। कई बार की कोशिश के बाद भी ओपी सिंह की प्रतिक्रिया इस पर नहीं मिल सकी।

अब देखना दिलचस्प होगा कि रिटायर हो चुके ओपी सिंह कब तक अपने अधिकारों की समाप्ति के बाद भी सरकारी आवासीय सुविधा का उपभोग करते रहेंगे।

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