Farmers Protest: आंदोलन के 25वें दिन आज किसान मना रहे ‘शहीदी दिवस’, समर्थन में पहुंच रहे कई संगठन

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का 25वां दिन है। रविवार को किसान शहीदी दिवस के रूप में मना रहे हैं। किसानों का दावा है कि आंदोलन के दौरान अब तक 33 किसान जान गंवा चुके हैं। डाइनामाइट न्यूज रिपोर्ट

Updated : 20 December 2020, 9:54 AM IST
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नई दिल्ली: केंद्र के नये कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का 25वां दिन है। कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े किसान आद रविवार को “शहीदी दिवस” के रूप में मना रहे हैं। किसानों का दावा है कि इस आंदोलन के दौरान अब तक उनके 33 किसान साथी जान गंवा चुके हैं, जिन्हें आज श्रद्धांजलि दी जा रही है। किसानों के समर्थन में कई संगठन और लोग आंदोलनकारी किसानों के बीच पहुंच रहे हैं और उन्हें तरह-तरह की सेवाएं मुहैय्या करा रहे हैं।

सिंघु बॉर्डर पर पंजाब से आये एक समूह ने किसानों को लिये शुरू किया 'पगड़ी लंगर'

भारतीय किसान यूनियन के दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख राम त्यागी ने कहा कि रविवार को आज हम शहीदी दिवस मनाएंगे और इस आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले अपने किसान भाइयों को श्रद्धांजलि देंगे। विभिन्न किसान संगठनों का दावा है कि आंदोलन के दौरान करीब 33 किसानों की मौत हुई है, जिन्हें वे रविवार को उन्‍हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

रविवार को 25वें दिन किसानों के आंदोलन को समर्थन देने और उन्हें जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिये कई संगठनों से जुड़े लोग आंदोलनकारी किसानों के बीच पहुंच रहे हैं।

सिंघु बॉर्डर पर किसानों के लिये बनाया गया बॉलीबाल कोर्ट 

पंजाब के विभिन्न अस्पतालों के चिकित्सा कर्मचारी सिंघु बॉर्डर (दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर) पर पहुंचे हैं। लुधियाना के एक अस्पताल में स्टाफ नर्स के रूप में काम कर रही हर्षदीप कौर ने कहा, "हम यहां आंदोलनकारी किसानों का समर्थन करने के लिए आए हैं, अगर कोई भी बीमार पड़ता है तो हम सभी की सेवा के लिए तैयार हैं। इसी तरह कई अन्य सेवाओं से जुड़े वर्कर्स भी किसानों के बीच पहुंचे हैं।

एनडीए (NDA) के सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने ऐलान किया है कि किसान आंदोलन के समर्थन में 26 दिसंबर को उनकी पार्टी दो लाख किसानों को लेकर राजस्थान से दिल्ली मार्च करेगी।

मोदी सरकार के नये कृषि कानून के खिलाफ पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश समेत तमाम जगहों से आए किसान दिल्‍ली के अलग-अलग बॉर्डर पर कई दिनों से डटे हुए हैं। इस बीच सरकार भी किसानों को समझाने और आंदोलन खत्म करने की अपील करती आई है लेकिन किसान अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं।

Published : 
  • 20 December 2020, 9:54 AM IST

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