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नई दिल्ली: कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन आज गुरूवार को 29वें दिन में पहुंच गया है। सरकार की पहल के बावजूद भी किसानों के आंदोलन का कोई हल फिलहाल निकलता नहीं दिख रहा है। सिंघू बॉर्डर समेत दिल्ली से लगी कई सीमाओं पर किसानों का धरना-प्रदर्शन लगातार जारी है। कल बुधवार को सरकार के प्रस्ताव को ठुकराने के बाद किसान संगठन आज सिंघू बॉर्डर पर एक बड़ी बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे। इसके अलावा किसानों के समर्थन में राहुल गांधी की अगुवाई में कुछ विपक्षी दलों के नेता भी राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले हैं।
गौरतलब है कि कल बुधवार को सिंघु बॉर्डर पर 40 से अधिक किसान संगठनों की बैठक हुई, जिसमें सरकार के प्रस्ताव को नकार दिया गया। किसानों ने सरकार को लिखकर नया प्रस्ताव देने की बात कही है, जिस पर विचार किया जाएगा। किसानों की सबसे बड़ी मांग सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस ले। इस मांग को लेकर किसान अड़े हुए हैं।
आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति तय करने के लिये किसानों के द्वारा आज दोहपर एक बार फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी, जिसमें किसान आंदोलन का कारण और आगे की रणनीति के बारे में बताएंगे। किसान मोर्चा की ओर से अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वेबिनार का आयोजन किया जा रहा है, ताकि अगर लोगों के कुछ सवाल हो तो वो जवाब दे सकें।
इसके अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज एक बार फिर कृषि कानूनों के मसले पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेंगे, उनके साथ विपक्ष कसे अन्य कई नेता भी होंगे। इश मौके पर राहुल गांधी करीब दो करोड़ किसानों के हस्ताक्षर वाला पत्र भी राष्ट्रपति को सौंपेंगे और नये कानून वापसी की अपील करेंगे।
Published : 24 December 2020, 10:15 AM IST
Topics : Farmers Protest किसान आंदोलन कृषि कानून दिल्ली बॉर्डर प्रस्ताव बैठक मोदी सरकार राष्ट्रपति विपक्षी दल
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