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नई दिल्ली: मोदी सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन आज चौथे दिन भी जारी है। बड़ी संख्या में किसान दिल्ली की सीमा पर डटे हुए है और वहां 26 नवंबर से जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली-हरियाणा की सीमा पर स्थित सिंधु बॉर्डर पर किसान भारी संख्या में आंदोलन कर रहे हैं। किसानों को रोकने के लिये बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा कर्मी भी वहां तैनात हैं।

किसानों ने ऐलान किया कि वह बुराड़ी स्थित निरंकारी समागम मैदान नहीं जाएंगे और अभी सिंधु बॉर्डर पर ही प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा किसानों ने तय किया है कि वे रोजाना सुबह 11 बजे मीटिंग करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे।
इस बीच देश के कई किसान संगठनों और नेताओं ने भी किसानों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। दिल्ली के बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन को राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ संगठनों ने अपना समर्थन दिया है। इन किसानों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर वो भी दिल्ली कूच कर सकते हैं।

भारतीय किसान यूनियन, पंजाब के महासचिव हरिंद्र सिंह ने कल शाम को कहा कि हमने सिंधु बॉर्डर पर प्रदर्शन जारी रखने का फैसला लिया है। हम कहीं और नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम हर रोज सुबह 11 बजे बैठक करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे।
बॉर्डर पर किसानों के डटे होने के कारण दिल्ली पुलिस ने यात्रियों के लिए भी जरूरी एडवाइजरी जारी की है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि सिंधु बॉर्डर अभी भी दोनों ओर से बंद है। इसलिये पुलिस ने यात्रियों और आम नागरिकों से वैकल्पिक मार्ग चुनने की अपील की है।
इससे पहले शुक्रवार को पुलिस ने किसानों को दिल्ली में आने की इजाजत देते हुए बुराड़ी स्थित निरंकारी ग्राउंड में आंदोलन करने की परमिशन दी थी। इसके बाद कुछ किसान बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड पहुंच गये है, जहां वे धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। जबकि कुछ किसान बॉर्डर पर आंदोलन करना चाहते हैं। ये किसान दिल्ली का रास्ता रोककर सरकार पर दबाव बनाना चाहते हैं।
Published : 29 November 2020, 9:47 AM IST
Topics : Delhi Border Farm Bills 2020 Farmers Protest किसान आंदोलन कृषि कानून केंद्र सरकार दिल्ली बॉर्डर धरना प्रदर्शन पुलिस