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लखनऊः यूपी के ऊर्जा विभाग में हुये पीएफ घोटालें का जिन्न योगी सरकार और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के लिये बड़ी चुनौती बन चुका है। वहीं इस मामलें में सपा-बसपा और कांग्रेस समेत दूसरी विपक्षी भी सरकार पर इस मुद्दें को लेकर हमलावर हैं।
ऊर्जा विभाग के इंजीनियर्स संगठन, विद्युत सहायक संघ समेत सभी बिजली कर्मचारी संगठनों ने इस मामले मे योगी सरकार से अपनी गाढ़ी कमाई के सुरक्षित होने की गारंटी देने की मांग उठाई है। बिजली संगठनों का कहना है की कर्मचारियों का पीएफ हमारी सालों की मेहनत की कमाई है। इसे लेकर सरकार को दूरदर्शिता दिखानी चाहिये थी। चाहे डीएसएफएल जैसी कंपनी में निवेश इस सरकार में हुआ हो या पिछली सरकार में इसकी जवाबदेही यूपी सरकार की है।
बगैर सरकार के लिखित आश्वासन के हमारा प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार नहीं खत्म होने वाला। कार्य बहिष्कार-प्रदर्शन में शामिल विद्युत सहायक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुनील प्रकाश पाल ने बताया की हम पिछले कई दिनों सरकार से पीएफ घोटाले के दोषियों पर कार्रवाई और पीएफ राशि की गारंटी की मांग सरकार से कर रहे हैं।
अब यदि जल्दी ही सरकार ने मामले में कोई कारवाई न की तो अब ऊर्जा मंत्री के सरकारी आवास का घेराव कर मार्ग रोक दिया जायेगा।इस मामलें में ऊर्जा कर्मचारी संघ के कुछ कर्मचारियों ने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुये उन पर भी कार्रवाई की मांग उठाई।
Published : 20 November 2019, 4:43 PM IST
Topics : Lucknow PF Scam uttar pradesh ऊर्जा विभाग पीएफ घोटाले बसपा लखनऊ सपा