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नई दिल्ली: आज के समय में जब पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, तब पर्यटन के क्षेत्र में भी ऐसे विकल्प सामने आ रहे हैं जो प्रकृति को नुकसान पहुंचाए बिना घूमने-फिरने का आनंद प्रदान करते हैं। ऐसा ही एक नया और सस्टेनेबल ट्रेंड है – इको ग्लैम्पिंग (Eco Glamping)। यह न केवल पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का तरीका है, बल्कि यह अनुभव को भी यादगार और आरामदायक बनाता है।
ग्लैम्पिंग का मतलब
ग्लैम्पिंग का मतलब है ग्लैमरस कैंपिंग। यह पारंपरिक कैंपिंग से इस मायने में अलग है कि इसमें पर्यटकों को लक्ज़री सुविधाएं दी जाती हैं, जैसे कि आरामदायक बिस्तर, साफ-सुथरे शौचालय, बिजली, गर्म पानी और कभी-कभी तो निजी शेफ भी। वहीं "इको ग्लैम्पिंग" का फोकस होता है इन सुविधाओं को इस तरह से प्रदान करना कि उसका पर्यावरण पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
ग्लैम्पिंग स्थलों की डिजाइन
इको ग्लैम्पिंग स्थलों को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वे प्राकृतिक परिवेश में बिना बदलाव किए वहां के संसाधनों का न्यूनतम उपयोग करें। उदाहरण के तौर पर, यहां सौर ऊर्जा से बिजली बनाई जाती है, वर्षा जल संचयन की सुविधा होती है और जैविक अपशिष्ट प्रबंधन की तकनीक अपनाई जाती है। इसके अलावा इको-फ्रेंडली निर्माण सामग्री जैसे बांस, लकड़ी, मिट्टी आदि का प्रयोग किया जाता है। जिससे इन जगहों का कार्बन फुटप्रिंट बहुत कम होता है।
Published : 13 April 2025, 6:23 PM IST
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