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आजमगढ़: जिले में मानक और बिना पंजीकरण के बेसमेंट में संचालित हो रहे डायग्नोस्टिक सेंटर अब स्वास्थ्य विभाग के निशाने पर आ गया है। आरटीआई एक्टिविस्ट पतरु राम विश्वकर्मा की शिकायत पर हरकत में आई स्वास्थ्य विभाग ने डायग्नोस्टिक सेंटर की जाँच पड़ताल शुरू की।
स्वास्थ्य विभाग की जाँच में डायग्नोस्टिक सेंटर में कई खामिया मिली है, जिसकी रिपोर्ट जाँच अधिकारी ने CMO को सौंपी दी है। जिसके बाद CMO ने जाँच रिपोर्ट के आधार पर सेंटर को सीज करने के लिए टीम का गठन कर दिया है। विभाग की इस कार्रवाई के बाद महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवादाता के अनुसार आजमगढ़ जिले के सिविल लाइन में मानक के विपरीत डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन किया जा रहा है। बिना मानक और पंजीकरण के बेसमेंट में चल रहे इस डायग्नोस्टिक सेंटर को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट पतरु राम विश्वकर्मा ने जिले के सीएमओ अशोक कुमार से शिकायत की थी।
सीएमओ को दिए शिकायती पत्र में आरटीआई एक्टिविस्ट ने आरोप लगाया था कि बिना रजिस्ट्रेशन के इस डायग्नोस्टिक सेंटर को चलाया जा रहा है। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड से भी कोई NOC नहीं ली गई है। जिससे लोगों के जनजीवन को खतरा है।
इस शिकायती पत्र पर जिले के सीएमओ ने एडिशनल सीएमओ अरविंद कुमार चौधरी और अविनाश झा के नेतृत्व में एक टीम गठित की और जांच में यह बातें सही पाई गई। ऐसे में जिले के सीएमओ ने सिविल लाइन में चल रहे अथर्व डायग्नोस्टिक सेंटर के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
इस मामले में जिले के सीएमओ अशोक कुमार ने बताया कि मामले की शिकायत मिलने के बाद नोडल अधिकारियों से मामले की जांच कराई गई और कई कमियां भी पाई गई। इस मामले में टीम गठित कर दी गई है और जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि, आजमगढ़ जिले में लगातार अवैध अस्पतालों अवैध नर्सिंग होम और पैथोलॉजी केंद्रों के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग ने अभियान भी चलाया था। और कई अस्पतालों नर्सिंग होमो पर कार्रवाई भी की गई थी। इसके बावजूद जिले में बड़ी संख्या में धड़ल्ले से अवैध अस्पताल और नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं।
Published : 4 February 2025, 6:19 PM IST
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